रांची : अब 5 की जगह 3 रुपये प्रति यूनिट मिल सकेगी बिजली- हेमंत
- By admin --
- 18 Aug 2020 --
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- संचरण परियोजनाओं व छह ग्रिड सबस्टेशन का ऑनलाइन उदघाटन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की संचरण परियोजनाओं और छह ग्रिड सब-स्टेशन का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इन योजनाओं के लागू होने से गढ़वा, जसीडीह, गिरिडीह, दुमका, सरिया और जमुआ के लोगों को फायदा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक युग में बिजली के बिना विकास की बात करना बेनामी है। सोरेन ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल में छह-छह ग्रिड सब-स्टेशन का उद्घाटन यह दर्शाता है कि राज्य सरकार जनहित और सभी को आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक आपदा से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है, लॉकडाउन के दौरान राज्य में किसी की भूख से मौत न हो, इसके लिए सरकार की ओर से पर्याप्त कदम उठाये गये, वहीं पूर्ण तालाबंदी के दौरान लोगों को जीवन के साथ जीविका उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने संचरण लाइन और ग्रिड सब स्टेशन निर्माण के बाद राज्य सरकार को पांच रुपये की जगह तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल पाएगी। मुख्यमंत्री नेकहा कि राज्य के विकास में यह मील का पत्थर साबित होगा।
उनहोंने कहा कि आज बिजली मानव जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है। बिजली के बिना किसी विकास परियोजना की कल्पना नहीं की जा सकती है। घरेलू कामकाज से लेकर उद्योग धंधों के संचालन में बिजली की महत्ता से हम सभी वाकिफ है। हमारी सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि गांव-गांव बिजली पहुंचे।घर-घर रौशन हो, इसी संकल्प के साथ बिजली परियोजनाओं के काम की गति तेज की गई है।
सोरेन ने कहा कि इन छह बिजली परियोजनाओं के शुरू होने से निर्बाध बिजली आपूर्ति की दिशा में यह बड़ा कदम हैं। गढ़वा में जहां बिजली के लिए दूसरे राज्य से आपूर्ति पर निर्भरता थी, वहीं अब भागोडीह ग्रिड सब स्टेशन व संचरण लाइन शुरू होने से इससे निजात मिल गई है।
वहीं जसीडीह ग्रिड सब स्टेशन के चालू होने से देवघर में निर्बाध बिजली आपूर्ति हो सकेगी इसके साथ यहां एम्स और एयरपोर्ट का निर्माण कार्य हो रहा है. इससे देवघर में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
डीवीसी से नहीं लेनी होगी महंगी बिजली
गिरिडीह, जमुआ और सरिया में ग्रिड सब स्टेशन एवं संबंद्ध संचरण लाईन के चालू होने से गिरिडीह जिले में बिजली आपूर्ति के लिए डीवीसी पर निर्भरता नहीं रहेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि डीवीसी उद्योग धंधों को बिजली देने में आगे रहती है, लेकिन झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति को लेकर अलग रवैया अपनाती है. लेकिन, अब इससे छुटकारा मिल गया है।
इतना ही नहीं, जहां डीवीसी से पांच रुपए प्रति यूनिट बिजली लेनी पड़ती थी, वहीं अब इसकी दर मात्र तीन रुपए प्रति यूनिट आएगी।
आपदाओं से लड़ने में सक्षम हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. लेकिन, इस आपदा से निपटने में हम सक्षम हैं. हमारी सरकार को राज्य के सवा तीन करोड़ लोगों की चिंता है. हर घटना पर हमारी नजर बनी हुई है।
जांच में तेजी लाई गई है और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी और ल़ॉकडाउन के दौरान सरकार ने मुफ्त में अनाज के साथ भोजन वितरण का कार्य बड़े पैमाने पर किया।
कोरोना जंग से भी लड़ना है औऱ व्यवस्था भी चलानी है- हेमंत
इसी का नतीजा है कि हमारे राज्य में भूख से मौत नहीं हुई. उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ रहे मामले से निपटना कड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन हतोत्साहित नहीं है। लोगों की जान बचाना औऱ भूख से कोई मौत नहीं हो, इसके लिए सरकार ने सभी पुख्ता इंतजाम किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब कोरोना जंग से भी लड़ना है औऱ व्यवस्था भी चलानी है।