RIMS के 28 शिक्षकों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, 2019 से मिलेगा प्रोन्नति का लाभ
- By rakesh --
- 06 Nov 2026 --
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रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) के 28 शिक्षकों को प्रोन्नति के मामले में बड़ी राहत दी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए रिम्स प्रबंधन को सभी प्रार्थियों को एक जुलाई 2019 से प्रोन्नति का लाभ देने का निर्देश दिया है। अदालत ने इसके लिए आठ सप्ताह की समयसीमा तय की है। आदेश के अनुसार, रिम्स को प्रोन्नति के साथ उससे जुड़े सभी वित्तीय और अन्य लाभ भी उपलब्ध कराने होंगे।
28 शिक्षकों की याचिकाओं पर हाई कोर्ट का फैसला
सहायक प्राध्यापक डॉ. जेनिथ हर्ष केरकेट्टा एवं अन्य की ओर से प्रोन्नति को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने रिम्स नियमावली के प्रावधानों के तहत सभी योग्य प्रार्थियों को एक जुलाई 2019 से सह प्राध्यापक के पद पर प्रोन्नति देने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रोन्नति के अनुरूप उन्हें अन्य संबंधित लाभ भी दिए जाएं।
सह प्राध्यापक डॉ. उपेंद्र प्रसाद साहू को भी राहत
इसी मामले से जुड़ी दूसरी याचिका सह प्राध्यापक डॉ. उपेंद्र प्रसाद साहू एवं अन्य की ओर से दाखिल की गई थी। इस याचिका पर भी अदालत ने प्रार्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने उन्हें एक जुलाई 2019 से अपर प्राध्यापक के पद पर प्रोन्नति का लाभ देने का निर्देश दिया है। साथ ही प्रोन्नति के आधार पर मिलने वाले उत्तरोत्तर लाभ भी प्रदान करने को कहा है।
वर्ष 2019 से लंबित थी शिक्षकों की प्रोन्नति
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि वर्ष 2019 से रिम्स प्रबंधन ने शिक्षकों की प्रोन्नति का मामला लंबित रखा था। इस दौरान प्रार्थियों को कई बार साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें प्रोन्नति का लाभ नहीं दिया गया। इससे संबंधित शिक्षकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और वे अपने अधिकारों के लिए अदालत पहुंचे।
शासी परिषद की बैठक में भी पारित हुआ था प्रस्ताव
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि रिम्स की 55वीं शासी परिषद की बैठक में रिम्स नियमावली-2014 के प्रावधानों के तहत सभी योग्य शिक्षकों को प्रोन्नति देने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद रिम्स की प्रोन्नति समिति ने वर्ष 2024 में दोनों याचिकाओं में शामिल सभी 28 प्रार्थियों को प्रोन्नति के योग्य पाया था। इसके बावजूद रिम्स प्रशासन की ओर से उन्हें प्रोन्नति नहीं दी गई।
आठ सप्ताह में आदेश का पालन करना होगा
हाई कोर्ट के इस फैसले से रिम्स के 28 शिक्षकों को लंबे समय से लंबित प्रोन्नति का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है। अदालत ने रिम्स प्रबंधन को आठ सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने और संबंधित शिक्षकों को निर्धारित तिथि से प्रोन्नति तथा उससे जुड़े सभी लाभ देने का निर्देश दिया है। अब रिम्स प्रशासन को तय समयसीमा में दोनों याचिकाओं के प्रार्थियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।
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