सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन में होगा डॉ भारती कश्यप का मॉडल कारगर !

सर्वाइकल कैंसर की विशेष रिपोर्ट

  • गर्भाशय ग्रीवा की सूजन की स्क्रीनिंग और इलाज साथ चलाने की जरुरत – डॉ भारती कश्यप, राष्ट्रीय सह-अध्यक्ष वीमेन डॉक्टर्स विंग आई.एम.ए.

  • वर्ष 2021 में बनाया सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन के लिए झारखंड मॉडल

  • विकासशील राज्यों के लिए बेहद सुविधाजनक

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) की सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन नीति 90-70-90 को लेकर डॉ भारती कश्यप और उनकी टीम ने झारखंड मॉडल बनाया है, जो विकासशील राज्यों के लिए काफी प्रैक्टिकल है। इसका पहला भाग 90 का मतलब यह है कि 25 वर्ष तक की लड़कियों की पूरी जनसंख्या के 90 फीसदी को सर्वाइकल कैंसर से बचाव की वैक्सीन एच.पी.वी. लगा दी जाए, लेकिन यह वैक्सीन बहुत मंहंगी है और इस वैक्सीन के महंगे होने के कारण सरकार इसे बड़े पैमाने पर लोगों तक अब तक नहीं पहुंचा पायी है और न ही दूर दराज व गरीन तबके के लोगों को इसकी जानकारी ही हो पाई है। इस तरह से यह प्रैक्टिकल अप्रोच नहीं है। इस नीति का दूसरा भाग 70 है, इसके अनुसार प्रजनन क्षमता की जनसंख्या वाली महिलाओं के 70 फ़ीसदी को आधुनिक पद्धति से सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की जाए, लेकिन यह भी विकासशील राज्यों के लिए संभव नहीं है। तीसरा भाग 90 है, जिसका मतलब है कि गर्भाशय ग्रीवा की सूजन वाली यानी सर्वाइकल डीजीज़ से ग्रसित 90 फीसदी महिलाओं की स्क्रीनिंग कर उनका उपचार कर दिया जाए। इसी तीसरे भाग को लेकर झारखण्ड मॉडल बनाया गया है।

विशेषज्ञ डाॉक्टरों की टीम का है निष्कर्ष

2021 में स्वास्थ्य विभाग, झारखण्ड सरकार और डॉ भारती कश्यप के नेतृत्व में विमेन डॉक्टर्स की टीम ने देश के शीर्ष कैंसर स्त्री रोग विशषज्ञों के साथ लम्बे विचार-विमर्श के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि डब्लूएचओ की सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन नीति 90-70-90 के तीसरे भाग को लेकर हम चलें और इसे संशोधित कर झारखण्ड में लागू करें, तो झारखण्ड जैसे कम संसाधन वाले राज्य में सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन में काफी सफलता मिल सकती है। फिर तत्कालीन अभियान निदेशक के द्वारा इस निर्णय को सभी सिविल सर्जनों को अमल हेतु प्रेषित किया गया । राज्य में हर जिले में प्रजनन क्षमता वाली 6% महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई, जिन्हें जननांग संबंधी सूजन के संभावित लक्षण हैं या जो हाई रिस्क कैटेगरी में आती हैं क्योंकि कैंसर स्त्री रोग विशेषज्ञों से विचार विमर्श के बात यह जानकारी सामने आई कि प्रजनन क्षमता वाली 6 प्रतिशत महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर डिजीज यानि गर्भाशय ग्रीवा की सूजन की समस्या रहती है। इसके लिए यह सुनिश्चित किया गया कि जिन्हें जननांग संबंधी सूजन के संभावित लक्षण हैं या जो हाई रिस्क कैटेगरी में आती हैं, ऐसी ही 6 प्रतिशत प्रजनन क्षमता वाली महिलाएं स्क्रीनिंग के लिए आयें।

 

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस आशय के पत्र के अलावा एक और पत्र प्रेषित किया गया, जिसमें सभी सरकारी अस्पतालों में महीने के प्रथम सप्ताह में प्रसव के पूर्व आने वाली महिलाएं और प्रसव के बाद आने वाली महिलाओं, साथ ही आने वाली उनकी सहयोगी महिलाओं में, अगर उन्हें कोई लक्षण है या वो हाई रिस्क कैटेगरी में आती हैं।  उनकी भी सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग अनिवार्य की गई। Screening के साथ ही इस माडल के अनुसार जननांग संबंधी सूजन से पीड़ित  महिला का दवा के द्वारा उपचार भी करना है और क्रायो उपचार की जरुर पड़ने पर उसे भी करना है । इसलिए पूरे राज्य में सरकारी स्त्री रोग विशेषज्ञों के लिए प्रशिक्षण शिविर भी साथ साथ कैंसर स्त्री रोग विशेषज्ञों के द्वारा वूमेन डॉक्टर्स विंग चला रही है

झारखँड में मॉडल कारगर सिद्ध हुआ

यह डब्ल्यूएचओ की सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन नीति 2030 का संशोधित रूप जो झारखंड जैसे विकासशील राज्य के लिए बेहद कारगर सिद्ध हुआ। झारखंड में विमेन डॉक्टर्स विंग की इस पहल के बहुत ही सकारात्मक परिणाम सामने आए वीमेन डॉक्टर्स विंग, आईएमए तथा राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग हेतु वित्तीय वर्ष 2021-2022 में अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक के लिए 2,70,678 (दो लाख सत्तर हजार छः सौ अठहत्तर) का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। निर्धारित लक्ष्य में से कुल 1,26,976 (एक लाख छब्बीस हजार नौ सौ छिहत्तर) लक्ष्य की प्राप्ति हुई। वह दिन दूर नहीं जब झारखंड देश का पहला सर्वाइकल कैंसर मुक्त राज्य बनेगा।

 

पूर्व आएएमए प्रेसिडेट डॉ सहजानंद ने सराहा

डॉ भारती कश्यप के द्वारा बनाए गए इस मॉडल को आएएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ सहजानंदज प्रसाद सिंह ने भी सराहा है। इस मॉडल को दूसरे राज्यों को भी अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ भारती कश्यप की तरफ से जो मॉडल तैयार किया गया है वह काफी कारगर साबित होगा। इसलिए इसे बेहतर ढंग से लागू कराने की दिशा में पहल करने की जरुरत है।

 

सर्वाइकल कैंसर का डब्लूएचओ का आंकड़ा:

  • 2020 में छः लाख से ज्यादा मामले और 3.42 लाख मौतें
  • 90% मामले कम और मीडियम इनकम वाले देशों में
  • सर्वाइकल कैंसर भारत में दुसरे नंबर पर सबसे आम है और सबसे प्रीवेंटेबल और सक्सेसफूली ट्रीटेबल कैंसर है
  • 1.23 लाख सर्वाइकल कैंसर के bhi मामले भारत में हर साल
  • 67 हजार महिलाओं की मौत भारत में हर साल
  • दुनियाभर में सर्वाइकल कैंसर के मामले में भारत 5वें नंबर पर