झारखंड में लाल आतंक का खात्मा, 16 नक्सलियों का सरेंडर

झारखंड में एक साथ हुआ 16 नक्सलियों का, पुलिस मुख्यालय में ‘ आत्मसमर्पण ‘…..

ऑपरेशन ‘नवजीवन-II’ के तहत झारखंड में 16 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 11 घटक हथियार और 1562 गोलियां भी सौंपी….

रांची। झारखंड में लाल आतंक (भाकपा माओवादी) के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है. डीजीपी के निर्देश पर सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और झारखंड जगुआर के नेतृत्व चलाए जा रहे ऑपरेशन नवजीवन-II के तहत मंगलवार को झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आधिकारिक तौर पर 16 नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियारों और कारतूसों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. इस दौरान डीजीपी तदाशा मिश्र, एडीजी मनोज कौशिक, आईजी साकेत सिंह, आईजी पंकज कंबोज, आईजी अभियान नरेंद्र सिंह, आईजी अनूप बिरथरे समेत कई अधिकारी उपस्थित थे. यह आत्मसमर्पण झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखण्ड जगुआर द्वारा चलाए जा रहे चौतरफा संयुक्त अभियानों तथा झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का परिणाम है.*

आत्मसमर्पण करने वाले 16 नक्सलियों में 11 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल हैं. इनमें ₹15 लाख का ईनामी रीजनल कमेटी सदस्य (RCM), तीन जोनल कमेटी सदस्य (ZCM), तीन सब-जोनल कमेटी सदस्य (SZCM), छह एरिया कमेटी सदस्य (ACM) तथा तीन दस्ता सदस्य शामिल हैं. ये सभी झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला के कोल्हान और सारंडा के दुर्गम जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय थे , संगठन के शीर्ष नेताओं एक करोड़ के इनाम मिसिर बेसरा उर्फ और असीम मंडल की टीम से जुड़े हुए थे।

 

झारखंड पुलिस के IG ऑपरेशंस नतेंद्र कुमार सिंह ने कहा, “21 मई को ऑपरेशन नवजीवन के तहत 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। 13 जुलाई को रविंदर गंजू पकड़ा गया। 4 दिन के बाद अजय महतो उर्फ टाइगर पकड़ा गया और उसकी पत्नी ने भी आत्मसमर्पण किया। इसी तरह ऑपरेशन नवजीवन 2 चलाया गया। हम लोगों के समक्ष 16 नक्सली लीडरों ने आत्मसमर्पण किया… यह एक ऐतिहासिक दिन है। यह झारखंड पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धी है। नक्सलियों का लगभग खात्मा हो चुका है। कुछ नक्सली बचे हैं और उनके लिए ऑपरेशन चल रहा है…”