रांचीः शिक्षा मंत्री का निर्णय वेटिंग फॉर सेटिंग- अजय राय
- By admin --
- 10 Jun 2020 --
- comments are disable
ऑल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन, झारखंड, के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि शिक्षा मंत्री द्वारा लिया गया निर्णय कहीं से व्यवहारिक नहीं है, बल्कि अभिभावकों के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि खुद मंत्री जगरनाथ महतो स्कूलों से आग्रह कर रहे थे।
लॉकडाउन अवधि की फीस अप्रैल से जून तक माफ होनी चाहिए,और जब इसपर उन्हें खुद निर्णय लेने का समय आया, तो पल्टी मार स्कूलों के पक्ष में निर्णय ले रहे हैं, जो राज्य के लाखों अभिभावकों के साथ धोखा है। अजय राय की मानें तो यह पूरा मामला वेटिंग फॉर सेटिंग का था। जिसे वो समझ नहीं सके और मंत्री पर विश्वास कर पिछले तीन महीनों से उनके निर्णय का इंतजार सभी अभिभावक करते रहे। उन्हेंने बताया कि मालूम नहीं था कि इस में कोई बड़ा डील होने वाला है।
मगर सभी इस पर अब चुपचाप नहीं बैठेंगे बल्कि पूरे राज्य के अंदर जन जागरण अभियान से लेकर आंदोलन करेंगे और सरकार को घेरेंगे। साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश की प्रति मिलने के उपरांत कोर्ट जाने की तैयारी करेंगे। अजय राय ने कहा कि पैरेंट्स एसोसिएशन मंगलवार को भी मंत्री और उनके विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी चार सूत्री मांगों से अवगत कराया था जो निम्न है:-
-
कोविड 19 का प्रभाव जब तक खत्म नहीं होता, तब तक स्कूल बंद रहनी चाहिए। हालात सामान्य होने पर ही स्कूल खुलनी चाहिए।
-
देश में लॉकडाउन के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे अभिभावकों के बच्चों के लॉकडाउन अवधि की सभी तरह की फीस माफ की जानी चाहिए।
-
ऑनलाइन क्लास से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभाव के कारण तत्काल प्रभाव से कक्षा एक से कक्षा आठ तक ऑनलाइन क्लास पर रोक लगे।
-
स्कूलों में प्रतिवर्ष एनुअल चार्ज, मेंटेनेंस फंड, बिल्डिंग फंड और न जाने अलग-अलग स्कूलों के कई तरह के चार्जेस शामिल हैं, इस पर रोक लगे।
उन्होंने कहा कि इन चार सूत्री मांगों को लेकर पूरे देश स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा खींची जा रही है, क्योंकि हर राज्य में यह मिलता जुलता समस्या अभिभावक झेल रहे हैं।