अजित पवार के शव की पहचान घड़ी से हुई

अजित पवार के शव की पहचान कैसे हुई?

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार अब नहीं रहे. उप मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का प्लेन बुधवार को क्रैश हो गया. इस प्लेन क्रैश में उनकी जान चली गई. बारामती में हुए इस प्लेन क्रैश में अजित पवार के साथ अन्य 4 लोगों की भी मौत हो गई. यह विमान हादसा तब हुआ, जब प्लेन बारामती में लैंडिंग को तैयार था. हादसा इतना भयंकर था कि कई धमाके हुए. प्लेन पूरी तरह जल कर राख हो गया. सभी शव बुरी तरह जल चुके थे. ऐसे में सवाल है कि आखिर अजित पवार के शव की पहचान कैसे हुई? क्यों डीएनए टेस्ट की नौबत नहीं आई? जी हां, अधिकारियों ने बताया कि उनकी पहचान उनकी कलाई की घड़ी से हुई. यह घड़ी ही उनकी आखिरी पहचान बनी.

अजित पवार के शव की पहचान घड़ी से हुई.

दरअसल, अजित पवार आज यानी बुधवार सुबह बारामती जा रहे थे. प्लेन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बारामती जा रहा था. यह एक चार्टर फ्लाइट थी Learjet 45XR मॉडल का. बारामती पुणे जिले में है और अजित पवार का गृह क्षेत्र भी है. बारामती में प्लेन का लैंडिंग होना था. तभी लैंडिंग के समय प्लेन कंट्रोल से बाहर हो गया और क्रैश होकर आग लग गई. प्लेन में अजित पवार के अलावा पायलट, को-पायलट और दो अन्य लोग सवार थे. सभी की मौके पर ही मौत हो गई. प्लेन क्रैश इतना दर्दनाक था कि आसमान काले धुएं से भर गया. चार से पांच धमाके हुए.

कैसे अजित पवार के शव की पहचान हुई?

चश्मदीदों के मुताबिक, क्रैश इतना भयानक था कि प्लेन पूरी तरह खाक हो गया. शव इतने जल चुके थे कि पहचानना मुश्किल था. अधिकारियों ने डीएनए टेस्ट के लिए रिश्तेदारों से सैंपल मांगे, मगर घड़ी के कारण इसकी नौबत नहीं आई. जी हां, अजित पवार की पहचान सबसे पहले उनकी घड़ी से हुई. यह एक स्पेशल वॉच थी, जो उनके साथ हमेशा रहती थी. एक आई विटनेस यानी चश्मदीद ने बताया कि शव की पहचान नहीं हो पा रही थी. सब कुछ जल चुका था. पांच लोग इसमें जिंदा जले थे. फिर एक घड़ी मिली, जिससे पता चला कि यह अजित पवार का शव है.

कौन थे अजित पवार?

अजित पवार 66 साल के थे. वह एनसीपी के बड़े नेता थे और शरद पवार के भतीजे. महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम थे. फिलहाल, हादसे की वजह अभी जांच में है. डीजीसीए ने जांच शुरू कर दी है. मौसम खराब होना, तकनीकी खराबी या पायलट की गलती हो सकती है. फिलहाल, ब्लैक बॉक्स की तलाश हो रही है. इस हादसे से राजनीति में शोक की लहर है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए हैं. एनसीपी कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर जमा हैं. बताया जा रहा है कि बारामती में ही अजित पवार का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा.

अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार के निधन पर पूरे राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है. 28 से 30 जनवरी तक सभी सरकारी कार्यालय और राजकीय कामकाज बंद रहेंगे और झंडा आधा झुका रहेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और वह उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ जल्द ही बारामती के लिए रवाना हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अजित दादा एक ऐसे नेता थे जो हमेशा जमीन से जुड़े रहे और जनता के बीच अपनी सादगी और मेहनत से लोकप्रिय थे. उनका असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है. मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके लिए व्यक्तिगत रूप से यह एक बहुत बड़ा नुकसान है, क्योंकि वह एक दमदार और दिलदार मित्र थे। दोनों ने साथ में कई संघर्ष और राजनीतिक लड़ाइयां देखी हैं और महाराष्ट्र के विकास में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा.