बुंडू। उड़ता झारखंड बनाने को लेकर सक्रिय हैं अफीम तस्कर

22 सौ किलो से अधिक अफीम का डोडा गिरफ्त में

बुंडू।  कोरोना काल में भी अफीम तस्करों ने झारखंड को उड़ता पंजाब की तरह उड़ता झारखंड बनाने से बाज नहीं आ रहे है । इसका खुलासा तब हुआ जब रांची से सटे राहे थाना क्षेत्र में इलाके से राजस्थान जा रहे एक ट्रक से 22 सौ किलो से अधिक अफीम का डोडा गिरफ्त में आ गया। जब पूरी जांच हुई तो पुलिस के भी होश उड़ गए। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की तस्करी को लेकर झारखंड में उड़ता झारखंड बनने की बात सही साबित हो रही है।

झारखँड की राजधानी रांची के पास से जब एक 22 चक्का ट्रक पर से भारी मात्रा में अफीम का डोडा पुल्स के हाथ लगा तो पूरे इलाके में एक बार फिर सनसनी फैल गई। पुलिस के तमाम दावों और कोशिशों के बाद भी अफीम तस्कर अपने मंसूबे में लगभग कामयाब हो गए थे। लेकिन पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर रांची के एसएसपी सुरेन्द्र झा व  ग्रामीण एसपी के साथ पुलिस की टीम ने कार्रवाई की तो इनता बड़ा मामला सामने आ गया। पुलिस ने  2200 किलोग्राम अर्थात 140 बोरा अफीम का डोडा लदा 12 चक्का ट्रक, 15 टन लोहा और एक सैमसंग मोबाइल के साथ राजस्थान का तस्कर श्रवण राम विसनोई और सहयोगी रामेश्वर मुंडा को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

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अफीम की खेती में नक्सली

वैसे तो झारखंड में अफीम की खेती बड़े पैमाने पर जंगलों में की जाती रही है। लेकिन इस बार पुलिस की दबिश के बाद कई जंगली इलाकों में फसलों को शुरू में ही नष्ट कर दिया गया था। लेकिन पहले से ही इस इलाके में इतनी भारी मात्रा के अफीम की खेती की   जाती रही है, जिससे इसे पूरी तरह से नष्ट कर पाना आसान नही हैं। जानकारी के अनुसार राज्य में नक्सलियों की तरफ से भी अफीम की खेती भारी पैमाने पर की जाती है और इसकी तस्करी के बाद से मिली रकमका अस्तेमाल वे अपने संगठन को मजबूत करने में लगाते रहे हैं।