रांची: कोरोना काल में सरकार ने हिंदपीढ़ी से खोया कंट्रोल- बीजेपी

  • हेमंत सरकार के 6 माह पूरे होने पर प्रतिक्रिया

  • हेमंत सरकार को बीजेपी ने सवालों से घेरा

  • देश में हुआ हेमंत सोरेन का नाम- कांग्रेस

झारखंड में महागठबंधन वाली हेमंत सोरेन की सरकार के छह माह पूरे हो गए हैं। कोरोना महामारी के बीच राज्य सरकार अपनी उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच चर्चाएं तो हो रही हैं लेकिन विपक्षी दलों के भी कान जरुर खड़े हो गए हैं। क्योंकि विपक्षी दल सरकार के कार्यों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

हेमंत सरकार पर बीजेपी का निशाना

राज्य सरकार के छह महीने के कार्यकाल की समीक्षा भी होने लगी है। हेमंत सोरेन ने जैसे ही अपनी सरकार के कार्यकाल पूरा किए राज्य में उनके कार्यों की समीक्षा की जा रही है। राज्य में विपक्षी पार्टी बीजेपी ने सरकार के छह महीने के कार्यकाल पर कई सवाल खड़े किए हैं।

सरकार ने खोया हिंदपीढ़ी से कंट्रोल

पार्टी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने साफ किया है कि हेमंत सरकार ने जो वादे किए थे, उसपर वे खरे नहीं उतर पाए। ना तो आदिवासियों के हित की बात की गई और ना ही आम जनता की। राज्य में कोरोना की महामारी के बीच राजधानी का एक इलाका हिंदपीढ़ी इस सरकार के कंट्रोल से बाहर हो गया।

देश में हुआ हेमंत सोरेन का नाम

इधर राज्य में सरकार चला रही पार्टी जेएमएम और कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि कोरोना की महामारी के बीच सरकार ने एक बड़ी चुनौती को स्वीकार करते हुए कार्य किया है। जिससे राज्य ही नहीं पूरे देश में इस सरकार का नाम हुआ है।

कितनी खरी उतरती है हेमंत सरकार

वैसे तो राज्य में जब जब नई सरकार बनती है तब तब इस बात की उम्मीद होती है कि झारखंड के लोगों का विकास अब हो पाएगा। लेकिन पिछले 20 साल की बात की जाए, तो राज्य में अभी भी विकास कोसों दूर है।

छह महीने के कार्यकाल से बहुत आकलन तो संभव नहीं है, लेकिन सबकी निगाहें इस बार है कि जल, जंगल और जमीन वाली पार्टी राज्य का कितना भला कर पाती है।