अमित शाह से मिले सुदेश महतो, कुड़मी ST दर्जे से JPSC-JSSC तक उठाए कई मुद्दे
- By rakesh --
- 11 Sep 2026 --
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रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने झारखंड से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
सुदेश महतो ने मुलाकात के दौरान कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने, JPSC-JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, झारखंड की स्थानीय भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और खनन प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखे।
JPSC-JSSC परीक्षाओं की जांच की मांग
सुदेश महतो ने झारखंड में आयोजित JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और वित्तीय गड़बड़ी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने इन मामलों की CBI और ED से जांच कराने की मांग की। उनके द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, झारखंड की 39 परीक्षाएं जांच के दायरे में हैं, जबकि छह परीक्षाओं को राज्य सरकार की ओर से स्थगित किया गया है।
सुदेश महतो ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सीधे तौर पर राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़ी है। इसलिए इन मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है।
कुड़मी समुदाय को ST दर्जा देने की मांग
मुलाकात के दौरान सुदेश महतो ने कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष रखा।
उन्होंने इसके लिए आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया। सुदेश महतो का कहना है कि ST का दर्जा मिलने से कुड़मी समुदाय के सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सकती है।
यह मांग झारखंड में लंबे समय से चर्चा का विषय रही है और आजसू पार्टी इसे प्रमुख मुद्दों में शामिल करती रही है।
कुड़माली, कुड़ुख और मुंडारी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
सुदेश महतो ने झारखंड की स्थानीय भाषाओं के संरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कुड़माली, कुड़ुख और मुंडारी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि भाषा किसी भी समाज की पहचान और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इन भाषाओं को संवैधानिक मान्यता मिलने से इनके संरक्षण और संवर्धन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सुदेश महतो ने संबंधित समुदायों के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के लिहाज से भी इस मांग को महत्वपूर्ण बताया।
Mineral Bearing Land Cess लगाने का प्रस्ताव
खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से जुड़े मुद्दे को भी सुदेश महतो ने केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखा। उन्होंने झारखंड में Mineral Bearing Land Cess लगाने की मांग की।
उनका आग्रह है कि इस व्यवस्था से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल विशेष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए किया जाए।
साथ ही उन्होंने राशि के इस्तेमाल की निगरानी और इससे जुड़े कार्यों के निर्धारण में भारत सरकार की भूमिका सुनिश्चित करने की मांग रखी।
DMF फंड की CBI जांच की मांग
सुदेश महतो ने District Mineral Foundation (DMF) फंड के इस्तेमाल में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग भी की। उन्होंने इसके लिए CBI जांच की मांग केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष रखी।
सुदेश महतो के अनुसार, DMF फंड का मूल उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के हितों में काम करना है। ऐसे में फंड के इस्तेमाल में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से झारखंड से जुड़े इन सभी विषयों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। अब इन मांगों पर केंद्र की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।
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