जमानत पर जेल से बाहर आए अपराधियों पर पुलिस की पैनी नजर, बोकारो में डीएसपी ने दिए सख्त निर्देश
- By rakesh --
- 04 Sep 2026 --
- comments are disable
बोकारो। जमानत पर जेल से बाहर आए अपराधियों की अब पुलिस लगातार निगरानी करेगी। मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने बालीडीह थाना परिसर में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में सभी पुलिस पदाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिया। बैठक में बालीडीह, माराफारी, साइबर थाना और बालीडीह ओपी के थाना प्रभारी के साथ सभी अनुसंधानकर्ता मौजूद रहे।
बैठक में लंबित कांडों की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएसपी ने अनुसंधान में तेजी लाने, आरोपितों की गिरफ्तारी करने और मामलों का जल्द निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
60 और 90 दिनों में आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश
अपराध समीक्षा बैठक में अनुसंधानकर्ताओं को निर्धारित समय सीमा का पालन करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को 60 और 90 दिनों की तय अवधि में आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित करने का निर्देश दिया गया।
डीएसपी ने लंबित मामलों के अनुसंधान को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और कांडों के जल्द निष्पादन पर जोर दिया। साथ ही न्यायालय से प्राप्त वारंट और नोटिस का समय पर तामीला कराने का निर्देश भी दिया गया।
बीट क्षेत्र में अपराधियों की गतिविधियों पर नजर
सभी पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने बीट क्षेत्र में जमानत पर बाहर आए अपराधियों की सूची तैयार करने और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने को कहा गया। पुलिस का उद्देश्य अपराध की पुनरावृत्ति पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना है।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों को नियमित गश्ती करने और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया। गश्ती व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से गश्ती की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
थाना पहुंचने वाले पीड़ितों और आम नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार करने की हिदायत भी पुलिस पदाधिकारियों को दी गई।
बीट पदाधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश
बैठक में प्रत्येक बीट पदाधिकारी को सप्ताह में एक दिन निर्धारित विषय पर आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। इसके तहत लोगों को साइबर अपराध और बैंकिंग से जुड़ी सावधानियों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
सभी बीट पदाधिकारियों को इस सप्ताह बैंक पासबुक, एटीएम, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग एक्सेस और ओटीपी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया।
साइबर अपराध और तस्करी पर कार्रवाई के निर्देश
साइबर अपराध के मामलों में भी पुलिस को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। दो लाख रुपये से कम की राशि से जुड़े मामलों को संबंधित थाना में दर्ज करने और दो लाख रुपये से अधिक की राशि वाले मामलों को साइबर थाना में दर्ज करने को कहा गया।
इसके अलावा अवैध गांजा, अफीम, शराब और पशु तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
दुर्घटना से जुड़े मामलों में समय पर मुआवजा प्रस्ताव भेजने और अनुसंधान के दौरान अभियुक्त को दिए जाने वाले धारा 35(3) के नोटिस में एकरूपता लाने का भी निर्देश दिया गया।
छह-छह विशेष कांडों के निष्पादन पर पुलिसकर्मियों की सराहना
समीक्षा के दौरान बालीडीह थाना के पुलिस अवर निरीक्षक जितेंद्र कुमार यादव और माराफारी थाना के पुलिस अवर निरीक्षक मुकेश कुमार के कार्यों की सराहना की गई।
दोनों पदाधिकारियों ने व्यक्तिगत रुचि लेकर छह-छह विशेष प्रतिवेदित कांडों का निष्पादन किया है। उनके कार्यों को देखते हुए दोनों को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की जाएगी।
मासिक अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, गश्ती व्यवस्था और आम लोगों के साथ बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
यह भी पढ़ें: Jharkhand BJP: भाजपा ने 6 प्रदेश मोर्चा अध्यक्षों की घोषणा, OBC और महिला मोर्चा को मिला नया नेतृत्व