माही ने अब डेंगू, मलेरिया और टायफाइड के निपटने की करी तैयारी, लगाया कैंप !
- By rakesh --
- 09 Oct 2023 --
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माही के अंतर्गत कर्बला चौक स्थित वार्ड 16 के कार्यालय में निःशुल्क मेडिकल कैम्प संपन्न
डेंगू, मलेरिया और टायफाइड की निःशुल्क जाँच हुई
रांची: मौलाना आजाद ह्यूमेन इनिशिएटिव (माही) ने कर्बला चौक स्थित वार्ड 16 के कार्यालय में डेंगू, मलेरिया और टायफाइड के खिलाफ एक मेडिकल कैम्प लगाया गया। कैम्प रविवार, 08 अक्टूबर को कर्बला चौक स्थित वार्ड 16 में सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक चला।
कैम्प में कंसल्टेंट फिजिशियन डॉक्टर एस०एम० हसन और जेनरल फिजिशियन डॉक्टर ताबां रिज़वी ने रोगियों का इलाज किया। लगभग 50 रोगियों ने कैम्प में इलाज करवाया, जिन्हें मुफ्त दवाइयाँ और मुफ्त जाँच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
डॉक्टर एस०एम० हसन ने कहा कि डेंगू एक विशेष मच्छरों के काटने से होने वाली एक महामारी है जिसके लक्षण में बुखार, थकान, जोड़ों में दर्द, और सर्दी-जुकाम शामिल होते हैं। डेंगू के रोगी को पर्याप्त आराम देना चाहिए और उन्हें बेहद पर्याप्त पानी पीना चाहिए। डेंगू के इलाज के लिए बढ़ती हुई खांसी और बुखार की दवाएँ न लें, क्योंकि ये समस्या बढ़ा सकती हैं। डेंगू के रोगी को पारासिटामोल और प्लेटेनज़ा जैसी दवाएँ लेनी चाहिए जो फिवर को कंट्रोल कर सकती है और प्लेटलेस काउंट को बढ़ा सकती है। अपने आस-पास के जल-जमाव को हटाएं ताकि मच्छर प्रजनन के लिए नहीं रुक सकें। डेंगू से बचाव के लिए मच्छर नेट का उपयोग करें एवं अपने शरीर को धूप और छाया में रखने का प्रयास करें। डेंगू के इलाज के बाद शरीर को पूरी तरह से स्वस्थ होने तक आराम दें। डेंगू से संक्रमित व्यक्ति को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, ताकि सही उपचार दिया जा सके।
माही के अध्यक्ष, इबरार अहमद ने बताया कि रांची में डेंगू, मलेरिया, और टायफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है और लोगों के समक्ष ब्लड व पप्लेटलेस की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है। इन खतरनाक बीमारियों के खिलाफ मुकाबला करने के लिए, माही ने अन्य संगठनों के साथ मिलकर शहर के विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैम्प आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में, आज कर्बला चौक स्थित वार्ड 16 में एक मेडिकल कैम्प सफलतापूर्वक आयोजित किया गया है। उन्होंने नगर निगम के सी०ई०ओ० से माँग करते हुए कहा कि विशेष रूप से हिंदपीड़ी इलाकों में जल-जमाव पर कड़ी क़ाबू बनाया जाए और आवश्यक रसायनों की छिड़काव को युद्धस्तर पर किया जाए, ताकि इन बीमारियों का प्रसार रोका जा सके।
वार्ड 16 की पार्षद नाज़िमा रज़ा ने माही के इस मुहिम की सराहना करते हुए कही कि माही लगातार इस महामारी से लड़ने के लिए कैम्प लगा रही है। पार्षद ने आगे कहा कि डेंगू व मलेरिया मच्छड़ जनित रोग है जो गंदगी से फैलती है। सुरक्षा ही बचाव है, इसलिए लोगों को चाहिए कि यत्र-तत्र पानी का जमाव न होने दे और अपने घरों की गंदगी कूड़ेदान में ही डालें, सार्वजनिक स्थान में गंदगी न फैलाये।
माही के उपाध्यक्ष जावेद अहमद ने कहा कि माही साझा मंच एवं दूसरे संस्थाओं के साथ मिलकर लोगों को इस महामारी से बचने के प्रति जागरूक करेगी और सरकारी पदाधिकारियों के साथ मिलकर शहर में साफ-सफाई और छिड़काव का इंतजाम करने का सुझाव दिया है।इस प्रकार, माही साझा मंच और सरकारी प्राधिकरण के साथ मिलकर शहर के साफ-सफाई और छिड़काव के मामले में सकारात्मक कदम उठा रहा है, जिससे शहर का माहौल और जीवन गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
ज्ञात रहे कि रांची में डेंगू, टायफाइड और मलेरिया जैसी संक्रामक रोगों से भय व्याप्त है। इन बीमारियों की जांच और इलाज काफी मंहगा है ,जिसे आम लोग वहन नहीं कर सकते और अस्पतालों में भीड़ भी काफी है।, ऐसे हालात में माही ने दूसरे संस्थाओं के साथ मिलकर जगह जगह शिविर लगाने का फैसला लिया है। चूँकि अस्पतालों में भीड़ है इसलिए मोहल्ला स्तर पर कैंप का आयोजन किया जाएगा। तमाम लोगों और स्वंयसेवी संस्थाओं सहयोग की अपेक्षा है।
इस हेल्थ कैम्प में गयासुद्दीन मुन्ना,हाजी नवाब साहब,सैफुल हक,सरवर इमाम खान,यासर अहमद, मोहम्मद जावेद अख़्तर, शकील अहमद,अशफ़ाक अहमद,ख़ालिद सैफुल्लाह, मोइज़ अख़्तर, मोहम्मद सलाहउद्दीन, अख़्तर गद्दी,नूर आलम,शाहनवाज़ आलम,मोहम्मद सोहैल,इमरान आलम आदि लोग मौजूद थे।