रांचीः लॉकडाउन में बीसीसीएल को 918 करोड़ का मुनाफा

कोल निलामी को लेकर राज्य और केन्द्र सरकार के बीच रार छिड़ा है। इसी बीच धनबाद जिला में स्थित बीसीसीएल ने वित्तीय वर्ष  2019 – 20  का लाभ के बारे में बताया। बीसीसीएल के वित्त निर्देशक समीरन दत्ता ने कहाकि बीसीसीएल में इस वर्ष 918 करोड का मुनाफा हुआ है।

अगर पिछले साल की बात करें तो कंपनी को  288 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस कारण उन्होंने कर्मचारियों की कमी, कॉस्ट कटिंग साथ ही गुणवत्ता में को दिया है। वहीं पावर प्लांटों में मुख्य रूप से डीवीसी के पास 1200 करोड़ , डब्ल्यूपीडीसी एल के पास 530 करोड़, सेल में 600 करोड़ जबकि एनटीपीसी में 400 करोड़ बकाया हैं।

बीसीसीएल के वित्त निदेशक समीरन दत्ता कहा कि यदि अन्य कंपनियों पर जो बकाया राशि BCCL  को प्राप्त हो जाती है तो BCCL की वित्तीय स्थिति में बहुत अच्छा सुधार हो सकता है। आपको बता दे कि झारखंड की विभिन्न कंपनियों से लगभग 3200 करोड़ रुपये की रकम BCCL को प्राप्त होनी है।

उन्होंने बताया लॉकडाउन के दौरान उत्पादन लागत में भी कमी आई है। गुणवत्ता के कारण बीसीसीएल का कोयला लगभग 600 रुपये प्रति टन है। यही कारण है कि हम अपने नियमित ग्राहकों को भी कुछ छूट दे रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा जारी राहत पैकेज का जिक्र करते हुए कहा कि यदि हमारी उपभोक्ता कंपनियों द्वारा भुगतान में विलंब होता है तो हम राहत पैकेज से भी कार्य एवं कर्मचारियों के वेतन में निरंतरता बनाये रखेंगें।