जेएमएम का महाधिवेशन शुरू, झारखँड गठन के उद्देश्यों पर होगी चर्चा !

 

रांची। झारखड मुक्ति मोर्चा का 13वां महाधिवेशवन रांची के खेलगांव स्थित शहीद हरिवंश टाना भगत स्टेडियम में शुरू हुआ। दो दिन के इस महाधिवेशन में झारखँड मुक्ति मोर्चा संगठन विस्तार, पार्टी के संविधान में संशोधन, पार्टी के नेताओँ को जिम्मेदारी के साथ साथ झारखंड के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेगी। झारखंड, बिहार, ओड़िसा, बंगाल सहित देश के कई राज्यों से 4 हज़ार प्रतिनिधि हो रहे शामिल

लंबे समय के बाद झारखंड में जेएमएम की मजबूत सरकार है। पार्टी की सोच है कि जिन उद्देश्यों से राज्य का गठन किया गया था। उसे कैसे सार्थक बनाया जा सकता है। इस आयोजन मे विधायक कल्पना सोरेन को पार्टी में बड़ी ताक़त और अहम जिम्मेवारी मिलनी तय माना जा रहा है। इसके अलावा झारखँड में आदिवासी जमीन की लूट रोकने और सीएनटी और एसपीटी जैसे कानूनों के माध्यम से जमीन की वापसी कराने को लेकर भी प्रस्ताव पारित किए जा सकते हैं। पार्टी की तरफ से 1932 आधारित स्थानीय नीति,  झारखंड के निवासियों के लिए रोजगार नीति ओबीसी को 27 प्रतिशत देने, सरना कोड को लेकर पार्टी की स्थिति, हाल में ही केंद्र सरकार की तरफ से सोशिधत किए गए वक्फ बिल को लेकर पार्टी की सोच और भावी कार्यक्रम पर चर्चा हो सकती है।  इसके अलावा केन्द्र पर झारखंड के बकाये 1.36 लाख को लेकर पार्टी किस तरीके से आगे आंदोलन करेगी इसकी भी रणनीति बन सकती है। राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से मंईयां सम्मान योजना, अबुआ स्वास्थ्य योजना, अबुआ आवास योजना के प्रचार प्रसार पर फोकस किया जा सकेगा।

इसके अलावा बिहार सहित दूसरे पड़ोसी राज्यों में चुनाव में शामिल होने के लिए राजनीतिक प्रस्ताव पारित कर सकती है।

13वें महाधिवेशन के पहले दिन के पहले सत्र में सांगठनिक रिपोर्ट पेश की गई। दूसरे सत्र में राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया जाएगा और चर्चा के बाद उसे पारित किया जाएगा। महाधिवेशन के दूसरे दिन 15 अप्रैल को नई केन्द्रीय कमेटी का गठन होगा। इसमें कई कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकेगी।