रांची: वर्चुअल रैली में मूल समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश- कांग्रेस
- By admin --
- 07 Jun 2020 --
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झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना संकट के दौरान जब देश में व्यवसाय और औद्योगिक गतिविधियां पूरी तरह से प्रभावित है।
अचानक राष्ट्रव्यापी पूर्ण तालाबंदी से मजदूर परेशान
बिना सोचे-समझे सिर्फ चार घंटे की मोहलत देकर राष्ट्रव्यापी पूर्ण तालाबंदी से लाखों प्रवासी श्रमिक सैकड़ों-हजारों किमी पैदल चलने को मजबूर हुए। सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्योग में लगे 12 करोड़ लोग बेरोजगार हो गये। आर्थिक गतिविधियां बंद होने से विभिन्न कंपनियों में कार्यरत करोड़ों लोगों का रोजगार छिन गया।
वर्चुअल रैली का निर्णय आयोजन शर्मनाक
उन्होंने कहा कि लाखों परिवार के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। ऐसी आपदा की घड़ी में भाजपा ने एक सोची-समझी चाल के तहत लोगों का ध्यान मूल समस्या की ओर हटाने के लिए वर्चुअल रैली आयोजित करने का निर्णय शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि वर्चुअल रैली के माध्यम से एक बार फिर से छद्म राष्ट्रवाद, चीन, पाकिस्तान और नेपाल तक का भय दिखाने की कोशिश कर लोगों का ध्यान बेरोजगारी, भोजन का संकट और ठप्प पड़ी आर्थिक गतिविधियों तथा लॉकडाउन के बावजूद देश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।
वर्चुअल रैली की ढोंग
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि पत्रवीर बीजेपी नेताओं की ओर से लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर संकट के दौर में भी प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वर्चुअल रैली का ढोंग रचा जा रहा है, इससे पहले लॉकडाउन अवधि में घरों में आराम फरमा रहे भाजपा नेता डाइयटिंग का स्वांग रच रहे थे।
वर्चुअल रैली नाम पर नया नाटक शुरु
जनता को गुमराह करने के लिए वर्चुअल रैली नाम से नया नाटक शुरू किया है। इस वर्चुअल रैली की ढोंग की आज उस वक्त हवा निकल गयी, जब मिसकॉल के आधार पर खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताने का दावा करने वाले नेताओं की रैली में सिर्फ दो-सवा दो सौ लोग ही शामिल हुए।
*बाबूलाल बीजेपी में शामिल होकर जनता को छला *
गिरिडीह के राजधनवार की जनता के साथ छल कर झाविमो उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद बीजेपी में शामिल होने वाले पत्रवीर के नाम से विख्यात बाबूलाल मरांडी की वर्चुअल रैली में मात्र उनके साथ रहने वाले वेतनभोगी कर्मी समेत लाभ हासिल करने वाले कुछेक नेता-कार्यकर्त्ता ही शामिल हुए।
झारखंड की जनता ने बीजेपी की वर्चुअल रैली को किया खारिज
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि छह वर्षां में देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है और लॉकडाउन के कारण झारखंड जैसे पिछड़े राज्यों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गयी है। ऐसे में झारखंड की जनता ने बीजेपी की वर्चुअल रैली को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और आने वाले समय में आराम फरमाने वाले भाजपा नेताओं को लोग राजनीतिक सन्यास लेने के लिए मजबूर कर देंगे।
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