झारखंड में बकरी पालन शुरू करने का मौका, सरकार देगी 6.84 लाख रुपये तक की सब्सिडी
- By rakesh --
- 17 Sep 2026 --
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रांची: झारखंड में व्यावसायिक बकरी पालन शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक बड़ा अवसर सामने आया है। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत व्यावसायिक बकरी पालन योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत 100 बकरी और पांच बकरों की क्षमता वाला फार्म स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने पूरे झारखंड में ऐसे 437 फार्म स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। योजना का उद्देश्य व्यावसायिक स्तर पर बकरी पालन को बढ़ावा देना और इच्छुक लाभुकों को फार्म स्थापित करने में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
9.78 लाख रुपये की परियोजना पर 6.84 लाख तक अनुदान
योजना के तहत एक व्यावसायिक बकरी फार्म की अनुमानित परियोजना लागत 9.78 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें सरकार अधिकतम 6,84,600 रुपये, यानी परियोजना लागत का 70 प्रतिशत तक अनुदान देगी।
परियोजना की बाकी 30 प्रतिशत राशि लाभुक को जुटानी होगी। इसमें 15 प्रतिशत तक राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त करने की सुविधा दी गई है। योजना का अनुदान दो किस्तों में जारी किया जाएगा। पहली किस्त योजना की स्वीकृति के बाद और दूसरी किस्त फार्म की आधारभूत संरचना पूरी होने के बाद दी जाएगी।
रांची में सबसे ज्यादा 47 फार्म स्थापित करने का लक्ष्य
राज्यभर में निर्धारित 437 फार्म के लक्ष्य में अलग-अलग जिलों के लिए संख्या तय की गई है। रांची में सबसे अधिक 47 फार्म स्थापित किए जाने हैं।
इसके अलावा जमशेदपुर और पलामू में 26-26, हजारीबाग में 25, चाईबासा में 23, दुमका में 22, गोड्डा में 20 और गढ़वा में 19 फार्म स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। साहिबगंज और गुमला में 18-18 तथा गिरिडीह में 17 फार्म स्थापित किए जाएंगे।
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत आवेदन करने वाले व्यक्ति का झारखंड का स्थायी निवासी होना जरूरी है। आवेदक के पास बकरी पालन का अनुभव भी होना चाहिए। इसके साथ ही कम से कम 50 डिसमिल भूमि उपलब्ध होना आवश्यक है।
भूमि आवेदक की निजी हो सकती है या कम से कम 10 वर्ष की लीज पर ली गई भूमि भी मान्य होगी। आवेदन के साथ बैंक का प्रमाण-पत्र अथवा पिछले एक वर्ष के औसत बैंक बैलेंस का प्रमाण भी देना होगा।
बकरी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके आवेदकों को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह (SHG) और किसान उत्पादक संगठन (FPO) भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
प्रखंड या जिला पशुपालन कार्यालय में देना होगा आवेदन
योजना का लाभ लेने के इच्छुक लोगों को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ घोषणा पत्र, शपथ पत्र और निर्धारित जरूरी दस्तावेज संबंधित प्रखंड पशुपालन कार्यालय या जिला पशुपालन कार्यालय में जमा करना होगा।
आवेदन मिलने के बाद दस्तावेजों और योजना प्रस्ताव की जांच की जाएगी। इसके बाद स्थल निरीक्षण होगा और योग्य प्रस्तावों की अनुशंसा की जाएगी। अंतिम चयन निदेशालय स्तर पर गठित समिति की ओर से किया जाएगा।
चयन के बाद 10 साल तक चलाना होगा फार्म
योजना के तहत चयनित लाभुक को फार्म को कम से कम 10 वर्षों तक संचालित करने का शपथ पत्र देना होगा। फार्म संचालन के दौरान महामारी नियंत्रण से संबंधित निर्धारित मानकों का पालन करना भी जरूरी होगा।
योजना के तहत स्थापित फार्म की नियमित समीक्षा की जाएगी। इस तरह सरकार की ओर से अनुदान प्राप्त कर व्यावसायिक बकरी पालन शुरू करने वाले लाभुकों को निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार लंबे समय तक फार्म का संचालन करना होगा।