कोल ब्लॉक मामला: फिर पुरानी व्यवस्था में लौट आएगी- हेमंत सोरेन

  • केंद्र सरकार का फैसला व्यक्तिगत- हेमंत

  • कोल ब्लॉक नीलामी के फैसले के खिलाफ अदालत में अर्जी

रांची: केंद्र सरकार द्वारा कोल ब्लॉक की नीलामी किये जाने के फैसले के खिलाफ झारखंड सरकार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोल ब्लॉक की नीलामी के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में अर्जी दाखिल की है।

हेमंत सोरेन ने कोल ब्लॉक में केंद्र सरकार द्वारा लिये गये फैसले को व्यक्तिगत निर्णय बताते हुए कहा कि इस मसले पर राज्य सरकार को भी विश्वास में लेने की जरूरत है, कोल ब्लॉक झारखंड के लिए भी वर्षों से ज्वलंत विषय रहा है।

अब केंद्र सरकार द्वारा नई प्रक्रिया अपनायी जा रही है, जिससे फिर उसी पुरानी व्यवस्था में पहुंच जाएंगे, जिससे बाहर निकल कर यहां तक पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि कोयला खनन में भूमि अधिग्रहण के लिए दशकों बाद तक कई रैयतों और भू मालिकों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया है, झारखंड के लिए विस्थापन एक बड़ी समस्या रही है।

जमीन विवाद के कई मामले अब भी लंबित हैं। जमीन हाथ से निकल जाने के बाद कई मजदूर सड़कों पर जीवन करने को मजबूर हुए हैं। इसलिए कोल ब्लॉक को लेकर जल्दबाजी नहीं करने का  आग्रह केंद्र सरकार से किया गया था, लेकिन कोई आश्वासन नहीं मिला।

ऐसे में राज्य सरकार को पारदर्शिता का भरोसा नहीं दिला पाने के बाद अदालत का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया गया है।