धनबाद के खेजुरिया में कोयला खनन पर बवाल, ग्रामीणों और कारोबारियों में मारपीट
- By rakesh --
- 03 Nov 2026 --
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धनबाद: कुमारधुबी ओपी क्षेत्र के जोगरात पंचायत अंतर्गत खेजुरिया बस्ती में अवैध कोयला खनन को लेकर ग्रामीणों और कथित कोयला कारोबारियों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। रविवार देर रात दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। इस घटना में करीब आधा दर्जन लोगों के चोटिल होने की सूचना है। वहीं, कई वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
सोमवार सुबह दोनों पक्षों के लोग कुमारधुबी ओपी पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। विवाद की मुख्य वजह बस्ती के आसपास कथित तौर पर चल रहा अवैध कोयला खनन और ब्लास्टिंग बताई जा रही है।
ब्लास्टिंग से घरों में दरार पड़ने का ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि खेजुरिया बस्ती के समीप अवैध तरीके से कोयला निकालने के लिए ब्लास्टिंग की जा रही है। इसके कारण आसपास स्थित घरों की दीवारों में दरारें पड़ने लगी हैं। लोगों को आशंका है कि यदि इसी तरह खनन और विस्फोट जारी रहे तो उनके मकानों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने बस्ती के आसपास अवैध खनन और ब्लास्टिंग रोकने की मांग की थी। आरोप है कि इस पर कथित कोयला कारोबारियों की ओर से उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और बाद में विवाद मारपीट में बदल गया।
लाठी-डंडे चले, वाहनों को भी बनाया गया निशाना
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट हुई। इस दौरान करीब आधा दर्जन लोग चोटिल हो गए। कई वाहनों में तोड़फोड़ किए जाने की भी बात सामने आई है। आरोप है कि बड़ी संख्या में ग्रामीणों के जुटने के बाद दूसरे पक्ष के लोग मौके से चले गए।
घटना के बाद सोमवार सुबह मुखिया प्रतिनिधि रिंटू पाठक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण कुमारधुबी ओपी पहुंचे। ग्रामीणों ने अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन पुलिस को सौंपा।
मुखिया प्रतिनिधि ने निष्पक्ष जांच की मांग की
मुखिया प्रतिनिधि रिंटू पाठक ने घटना की निंदा करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में संचालित अवैध खदानों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों के घरों और उनकी सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को दूर किया जा सके।
वहीं, दूसरे पक्ष के अशोक पांडे ने भी ग्रामीणों पर मारपीट करने और वाहनों में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। इस तरह दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ अपना पक्ष पुलिस के सामने रखा है। फिलहाल पुलिस दोनों शिकायतों की जांच कर रही है।
खेजुरिया के आसपास कई अवैध खदानें संचालित होने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि खेजुरिया बस्ती के आसपास कई अवैध कोयला खदानें संचालित हो रही हैं। उनका आरोप है कि खनन के लिए की जा रही गतिविधियों से मकानों की नींव और आसपास की जमीन को नुकसान पहुंचने का खतरा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पहले शिकायतें किए जाने के बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी है। इसी वजह से क्षेत्र में तनाव और विवाद की स्थिति बनी रहती है।
दुधियापानी में भी हो चुकी है ग्रामीणों और कारोबारियों के बीच भिड़ंत
अवैध कोयला खनन को लेकर गलफरबाड़ी ओपी क्षेत्र के दुधियापानी में भी हाल के दिनों में ग्रामीणों और कथित कोयला कारोबारियों के बीच मारपीट की घटना सामने आ चुकी है। इस मामले में ग्रामीणों ने मैथन पहुंचे भाजपा नेता प्रतिपक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी थी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि दुधियापानी में मुन्ना और पिंटू नामक भट्ठा संचालकों के संरक्षण में बड़े पैमाने पर अवैध खनन कराया जा रहा है। उनका दावा था कि खनन के कारण घरों के नीचे की जमीन खोखली हो रही है और कभी भी जमीन धंसने से बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने पुलिस से शिकायत करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी मिलने का आरोप भी लगाया था।
ग्रामीणों के अनुसार, बाबूलाल मरांडी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद दुधियापानी और गलफरबाड़ी सन्यासी मंदिर के समीप अवैध खनन जारी रहने का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समय रहते कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
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