दुमका। राज्यहित के मुद्दों पर मुखरता से आवाज बुलंद करुगां : लोबिन

दुमका । झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधआयक लोबिन हेम्ब्रोम ने एक बार फिर दुहराया है कि वे झारखंड के मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। लोबिन ने साफ किया है कि वे जेएमएम से विधायक हैं और आगे भी रहेंगे। पार्टी से उनका विरोध नहीं है। लेकिन राज्यहित के मुद्दों पर वे मुखरता के साथ अपनी बात पार्टीफोरम पर हो या पार्टी के बाहर जरुर रखेंगे।

लोबिन हेम्ब्रोम झारखण्ड बचाओ मोर्चा के बैनर तल्ले बोरियो के गोपीकान्दर थाना छेत्र के दुर्गापुर हटिया मैदान में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसके पहले वे गुम्मा मोड़ अवस्थीत सिदो कान्हू की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। वहां से लोबीन हेमब्रम को कार्यक्रम स्थल तक पालकी में बैठकर ले जाया गया। संताली रीति रीवाज से लोटा पानी देकर पैर धो लिया गया। भब्य स्वागत में 50 किलो का फुल माला पहनाकर गीत संगीत से भी स्वागत किया गया।

लोबिन ने कहा कि झारखण्ड के अलग राज्य बने 23 साल हो गए हैं लेकिन यहां की आदिवासी, मूलवासी को आज तक अधिकार या रोजगार से वंचित है। कोयला खनन, डैम एवं हवाई अड्डे आदि के नाम पर लोगों को विस्थापित किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तंज केसते हुए बोला कि आज तक एक भी सरकारी नियुक्ति नहीं कर पायी है। न ही नियोजन नीति, या 1932 का खतियान ही लागु पायी है। एक भी चुनावी वादे पूरा करने में विफल साबित हुए हैं। जल, जंगल, जमीन का सुरक्षा करने की बजाय उसका दोहन करवाने में लगे हुए हैं। एस पी टी एक्ट तथा सी एन टी एक्ट को शक्ति से लागू करने के बजाय मज़ाक उड़ा रहा हैं।

उन्होंने बताया कि छतीसगढ़ राज्य में पेशा कानून लागू हैं। लेकिन दुर्भाग्य है कि झारखण्ड में यह कानून अभी तक लागू नहीं किया गया है जिस कारण यहां ग्राम सभा का महत्व नहीं रखता हैं। आगे उन्होंने कहा कि झारखण्ड में वर्ग पहला से ही संताली की पढ़ाई होनी चाहिए। सिदो कान्हू चाँद भैरों फूलो झनों एक ही परिवार के छः सदस्यों ने बलिदान दिया हैं लेकिन आज तक एस पीड़ित परिवार के लिये किसी सरकार ने कुछ नहीं किया हैं इसके लिये हमने प्रत्येक परिवार से साल में एक किलो चावल तथा दस रुपया ग्राम प्रधान के यहां जमा कराकर प्रधान के माध्यम से भुगनाडीह में उसके बंशज को पहुंचकर दे। कियोकि आज तक सरकार ने किसी तरह का लाभ नहीं दिया है। कार्यक्रम में लोबीन का बड़ा बेटा सह विधायक प्रतिनिधि अजय हांसदा, दिनेशवर देहरी, कीनू हेमब्रम, एमानुल हांसदा,मार्क बास्की, मदन राय, प्रधान मुर्मू, श्यामदेव हेमब्रम,मनोज मरांडी, देवेंद्र देहरी आदि ने भी अपना अपना विचार रखा। एस अवसर पर कई गावों से काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे