झारखंड में 7 सितंबर को सरकारी स्कूल और कॉलेज बंद, नहीं होंगी शैक्षणिक गतिविधियां
- By rakesh --
- 07 Sep 2026 --
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रांची: झारखंड में 7 सितंबर को सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई नहीं होगी। राजकीय शोक के मद्देनजर राज्य सरकार ने एक दिन के लिए सरकारी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले का असर राज्य के लाखों विद्यार्थियों और शिक्षकों पर पड़ेगा।
झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शोक अवधि के मद्देनजर 7 सितंबर को राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी। इस दिन कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाएगा।
सरकारी स्कूल और कॉलेजों में नहीं होंगी कक्षाएं
सरकार के निर्णय के अनुसार, 7 सितंबर को सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में नियमित पढ़ाई नहीं होगी। जिन विद्यार्थियों की इस दिन कक्षाएं या अन्य शैक्षणिक गतिविधियां निर्धारित थीं, उन्हें स्कूल या कॉलेज जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
राजकीय शोक के कारण सरकारी स्तर पर आयोजित होने वाली नियमित गतिविधियों को सीमित या स्थगित किया गया है। इसी क्रम में सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को एक दिन के लिए बंद रखने का फैसला लिया गया है।
सरकारी कार्यालयों के कामकाज पर भी पड़ेगा असर
राजकीय शोक के दौरान राज्य में सरकारी कार्यालयों और अन्य सरकारी संस्थानों की नियमित गतिविधियां भी प्रभावित रहेंगी। सरकार की ओर से जारी व्यवस्था के तहत संबंधित विभागों और संस्थानों में सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है।
स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने के फैसले के बाद विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच स्थिति स्पष्ट हो गई है। खासकर उन छात्रों के लिए यह सूचना महत्वपूर्ण है, जिनकी 7 सितंबर को किसी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि निर्धारित थी।
निजी स्कूल और कॉलेजों को लेकर फिलहाल स्पष्ट निर्देश नहीं
सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला स्पष्ट कर दिया गया है, लेकिन निजी स्कूलों और कॉलेजों के संबंध में फिलहाल कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया है।
ऐसे में निजी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपने स्कूल या कॉलेज प्रशासन से जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
एक दिन बाद सामान्य हो सकती है शिक्षण व्यवस्था
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय एक दिन के लिए लागू रहेगा। इसके बाद सरकारी स्कूल और कॉलेज अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोबारा संचालित हो सकते हैं।
राजकीय शोक के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह निर्णय राज्य की सरकारी शिक्षण व्यवस्था को एक दिन के लिए प्रभावित करेगा। विद्यार्थियों और शिक्षकों से सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
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