JPSC-JSSC छात्रों और झारखंड सरकार के मंत्रियों की बैठक खत्म

रांची में छात्रों और झारखंड सरकार के मंत्रियों की बैठक खत्म, मांगों पर सकारात्मक बातचीत का दावा

रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल और राज्य सरकार के मंत्रियों के बीच शुक्रवार को रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में बैठक हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया। हालांकि, छात्रों का आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। बैठक में सरकार की ओर से चार मंत्री शामिल हुए, जबकि छात्रों की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। वार्ता के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और भर्ती व्यवस्था से जुड़ी अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं।

छात्रों ने कहा- पहली बैठक सकारात्मक रही

बैठक के बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल में शामिल रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार के साथ यह उनकी पहली औपचारिक बातचीत थी। उनके अनुसार, बैठक का माहौल सकारात्मक रहा और छात्रों ने अपनी बात विस्तार से सरकार के सामने रखी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उचित निर्णय की दिशा में आगे बढ़ेंगे। छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार का दिया भरोसा

बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत शांतिपूर्ण और सकारात्मक माहौल में हुई। उन्होंने बताया कि छात्र प्रतिनिधियों की मांगों को समझने का प्रयास किया गया है। मंत्री के मुताबिक, सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और उनकी मांगों पर विचार कर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने की वार्ता

सरकार के साथ बातचीत के लिए छात्रों की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया गया था। इसमें रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल रहे। छात्रों की ओर से कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल में केवल छात्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य आंदोलन से जुड़ी मांगों को सीधे सरकार के सामने रखना था।

पहले प्रतिनिधिमंडल को लेकर बनी थी असहमति

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से पहले प्रतिनिधिमंडल के स्वरूप को लेकर असहमति सामने आई थी। छात्रों की ओर से पहले 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तय किया गया था, जिसमें अधिवक्ता अजित कुमार का नाम भी शामिल था। सरकार की ओर से कथित तौर पर केवल छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करने की इच्छा जताई गई। इसके बाद छात्रों ने प्रतिनिधिमंडल में बदलाव करते हुए नया 10 सदस्यीय दल तैयार किया।

आंदोलन अभी रहेगा जारी

वार्ता के बाद छात्रों ने कहा कि बैठक सकारात्मक जरूर रही, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इसलिए उनका विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि वे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई और भर्ती व्यवस्था में सुधार सहित अपनी मांगों को लेकर सरकार से ठोस पहल की उम्मीद कर रहे हैं। अब आगे सरकार की ओर से लिए जाने वाले फैसले पर सभी की नजर है।

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