रांची में कार फ्रॉड का हैरान करने वाला मामला, GPS ने खोला किराये की गाड़ी बेचने का राज
- By rakesh --
- 12 Sep 2026 --
- comments are disable
रांची: राजधानी रांची के सदर थाना क्षेत्र में किराये पर ली गई कार को कथित तौर पर फर्जी तरीके से बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने कार मालिक से 11 महीने के समझौते पर वाहन किराये पर लिया और बाद में खुद को उसका मालिक बताते हुए दूसरे व्यक्ति को कार बेच दी। मामले में पीड़ित की शिकायत पर सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत नामकुम थाना क्षेत्र की स्वर्णरेखा कॉलोनी निवासी उपेंद्र साहू ने दर्ज कराई है। शिकायत में दुर्गापुरी रोड, कोकर निवासी लक्ष्मीकांत सिद्धार्थ को आरोपी बनाया गया है।
11 महीने के एग्रीमेंट पर ली थी कार
शिकायतकर्ता उपेंद्र साहू के मुताबिक, उन्होंने अपनी Maruti S-Presso कार लक्ष्मीकांत सिद्धार्थ को 11 महीने के एकरारनामे पर किराये पर दी थी। इसके लिए प्रतिदिन 500 रुपये किराया तय किया गया था।
शिकायत के अनुसार, कुछ समय तक किराये का भुगतान किया गया, लेकिन बाद में आरोपी ने करीब दो महीने से किराया देना बंद कर दिया। पीड़ित के मुताबिक, कुल 27 हजार रुपये किराया बकाया हो गया था।
जब वाहन मालिक ने अपनी कार वापस मांगी तो आरोप है कि आरोपी टालमटोल करने लगा। इसके बाद वाहन मालिक को मामले में गड़बड़ी की आशंका हुई।
GPS से कार की लोकेशन ट्रैक करने पर हुआ खुलासा
कार वापस नहीं मिलने पर उपेंद्र साहू ने वाहन में लगे GPS की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया। लोकेशन का पीछा करते हुए वह कोकर स्थित भारत टिंबर के पास पहुंचे।
शिकायत के मुताबिक, वहां कार दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली। इसके बाद आसपास पूछताछ करने पर वाहन को लेकर कथित धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई।
पीड़ित का आरोप है कि लक्ष्मीकांत सिद्धार्थ ने खुद को कार का मालिक बताकर वाहन राहुल कुमार महतो को 66 हजार रुपये में बेच दिया था।
RC में मालिक का नाम उपेंद्र साहू
मामले में कार के आधिकारिक दस्तावेजों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, वाहन की RC में वास्तविक मालिक के तौर पर अभी भी उपेंद्र साहू का नाम दर्ज है।
इस आधार पर पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी ने वाहन पर अपना मालिकाना हक बताकर दूसरे व्यक्ति के साथ बिक्री का सौदा किया। कार के किराये और कथित बिक्री को लेकर विवाद सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
बीमारी का बहाना बनाने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने आरोपी से वाहन और कथित बिक्री के संबंध में पूछताछ की, तो वह बीमारी का बहाना बनाकर मामले को टालता रहा। पीड़ित के अनुसार, आरोपी से वाहन वापस लेने की कोशिश के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इसके बाद उपेंद्र साहू ने सदर थाना पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस कथित वाहन बिक्री, किराये के समझौते, बकाया राशि और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
यह भी पढ़ें: रांची में भर्ती सुधार यात्रा का समापन, देवेंद्र नाथ महतो बोले- यात्रा संपन्न हुई है, आंदोलन नहीं