Jharkhand Recruitment Scam: झारखंड में 22 परीक्षाएं रद्द, 6 स्थगित और 17 जांच के दायरे में, JSSC-CGL भी शामिल
- By rakesh --
- 19 Aug 2026 --
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रांची। झारखंड सरकार ने CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित और 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया है।
कार्मिक विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के मुताबिक यह कार्रवाई CID और SIT की जांच में सामने आए तथ्यों और नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई है।
इसके साथ ही सरकार ने JPSC और JSSC की परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करने का निर्णय लिया है।
JSSC-CGL समेत कई बड़ी परीक्षाएं रद्द
सरकार के फैसले से JSSC-CGL समेत कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं। JSSC की विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा यानी JSSC-CGL को रद्द कर दिया गया है।
इसके अलावा झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2023 और 2025 की रेगुलर एवं बैकलॉग परीक्षाओं को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है।
पूर्व की 5वीं संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा के 2013, 2016 और 2021 से जुड़े मामलों को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
सिविल जज से लेकर JET तक परीक्षाएं रद्द
सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार सिविल जज जूनियर डिवीजन की 2015, 2018 और 2023 की परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं।
इसके अलावा 6वीं लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर परीक्षा और वर्ष 2023 की चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर परीक्षा को भी रद्द किया गया है।
शैक्षणिक और तकनीकी पदों से जुड़ी कुछ नियुक्ति परीक्षाएं भी इस फैसले की चपेट में आई हैं। इनमें विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति, सरकारी इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर तथा पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर की नियुक्ति से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं।
JET 2024 यानी झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है।
अन्य रद्द परीक्षाओं में असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट 2024, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर, ड्रग इंस्पेक्टर और फूड सेफ्टी ऑफिसर से संबंधित परीक्षाएं शामिल हैं।
छह परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित
सरकार ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने के बजाय फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया है। इन परीक्षाओं की प्रारंभिक प्रक्रिया TDPL के अलावा दूसरी एजेंसियों के माध्यम से कराई गई थी।
इन एजेंसियों की विश्वसनीयता और उनकी भूमिका की जांच CID को सौंपी गई है। स्थगित की गई परीक्षाओं में फूड एनालिस्ट और प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, डायरेक्टर/इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज और बॉयलर इंस्पेक्टर से संबंधित परीक्षाएं शामिल हैं।
17 परीक्षाएं जांच के दायरे में
सरकार ने कुल 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच का भी आदेश दिया है। इन मामलों में CID की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों तथा जांच में सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
JPSC-JSSC मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का अनुरोध
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई जल्द पूरी कराने के लिए सरकार झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करेगी।
सरकार का उद्देश्य ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी लाना और लंबित मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करना है।
JPSC-JSSC में बनेगा Internal Vigilance Cell
भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए JPSC और JSSC में Internal Vigilance Cell यानी आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाने का फैसला लिया गया है।
यह प्रकोष्ठ दोनों आयोगों की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रक्रिया पर निगरानी रखने के साथ संभावित गड़बड़ियों को रोकने की दिशा में काम करेगा।
अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में बनेगी उच्चस्तरीय समिति
JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी।
समिति में राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशकों को भी सदस्य बनाया जाएगा। यह समिति दोनों आयोगों की परीक्षा प्रणाली, प्रक्रिया और व्यवस्थाओं का विस्तृत अध्ययन करेगी।
समिति को अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर सरकार को सौंपनी होगी।
छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार ने लिया फैसला
भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 17 अगस्त को मंत्रियों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद सरकार की ओर से JPSC और JSSC की कुछ परीक्षाओं को रद्द करने तथा जांच कराने की घोषणा की गई थी।
इसके अगले दिन 18 अगस्त की देर रात कार्मिक विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी।
हालांकि, छात्र अभी भी परीक्षाओं की CBI जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।
सरकार की ओर से सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना में इन फैसलों की जानकारी दी गई है। सरकार ने कहा है कि नियुक्ति परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं भरोसेमंद बनाने के लिए सुधार किए जाएंगे।