शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 718 अंक उछला; SEBI ने LTCG टैक्स पर दिए दो प्रस्ताव

शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 718 अंक उछला; SEBI ने LTCG टैक्स पर दिए दो प्रस्ताव

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों बढ़त के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 718.71 अंक यानी 0.97 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,178.24 अंक पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 ने 169.20 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,222.30 अंक पर कारोबार शुरू किया।

बाजार में तेजी के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और मारुति सुजुकी के शेयर बढ़त के साथ खुले। दूसरी ओर, सन फार्मा के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले पिछले सप्ताह शुक्रवार को भी घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था।

सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत शुरुआत

सप्ताह के पहले कारोबारी सत्र में निवेशकों की खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांकों में तेजी दिखाई दी। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स ने 75,178.24 अंकों का स्तर छुआ, जबकि निफ्टी 50 बढ़कर 23,222.30 अंकों पर खुला। बाजार में प्रमुख कंपनियों के शेयरों में आई हलचल का असर शुरुआती कारोबार पर दिखाई दिया।

रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और मारुति सुजुकी के शेयरों में तेजी रही। वहीं, सन फार्मा के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, शुरुआती तेजी के बाद बाजार की दिशा कारोबार के दौरान निवेशकों की खरीद-बिक्री और अन्य आर्थिक संकेतकों से प्रभावित हो सकती है।

SEBI ने LTCG टैक्स में बदलाव के दिए दो प्रस्ताव

शेयर बाजार में तेजी के बीच निवेशकों के लिए टैक्स से जुड़ी एक अहम खबर भी सामने आई है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI ने सरकार को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में राहत देने के लिए दो प्रस्ताव भेजे हैं। इनका उद्देश्य विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों को भी राहत देना बताया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, SEBI ने विदेशी निवेशकों पर लागू LTCG टैक्स को हटाने की सिफारिश की है। इसके अलावा घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी टैक्स से जुड़ा एक बदलाव सुझाया गया है। इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है।

म्यूचुअल फंड की एक स्कीम से दूसरी में निवेश पर राहत का प्रस्ताव

SEBI के दूसरे प्रस्ताव के तहत यदि कोई निवेशक एक साल से अधिक समय तक रखी गई म्यूचुअल फंड यूनिट बेचकर उसी राशि को दूसरी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करता है, तो इस प्रक्रिया को टैक्स के दायरे में आने वाली बिक्री नहीं माना जाए। यानी स्कीम बदलने के दौरान निवेशक पर LTCG टैक्स नहीं लगाया जाए।

इस बदलाव से उन निवेशकों को राहत मिल सकती है, जो अपने निवेश को एक म्यूचुअल फंड योजना से दूसरी योजना में स्थानांतरित करना चाहते हैं। फिलहाल यूनिट बेचने पर लागू नियमों के अनुसार पूंजीगत लाभ पर टैक्स देय हो सकता है।

अभी कितना लगता है LTCG और STCG टैक्स?

मौजूदा नियमों के अनुसार, सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों और निर्धारित इक्विटी म्यूचुअल फंड यूनिट को 12 महीने से अधिक समय तक रखने के बाद बेचने पर लागू शर्तों के तहत 12.5 प्रतिशत LTCG टैक्स लगता है। वहीं, 12 महीने या उससे कम अवधि में बिक्री पर 20 प्रतिशत STCG टैक्स लागू होता है। इन करों के अतिरिक्त प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) और अन्य लागू कर भी निवेशकों को देने पड़ सकते हैं।

SEBI की ये सिफारिशें फरवरी में पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले आई हैं। यदि सरकार प्रस्तावों को मंजूरी देती है, तो विदेशी निवेशकों और घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए टैक्स व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। फिलहाल निवेशकों को सरकार के अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा।

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