Hajj 2027: हज यात्रियों को बड़ी राहत

Hajj 2027: हज यात्रियों को बड़ी राहत, मेडिकल स्क्रीनिंग की अंतिम तारीख बढ़कर 30 सितंबर

रांची: हज 2027 की तैयारी कर रहे अस्थायी रूप से चयनित यात्रियों के लिए राहत की खबर है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने प्राइमरी मेडिकल स्क्रीनिंग यानी स्टेज-1 पूरी करने और जरूरी दस्तावेज जमा या अपलोड करने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब यात्रियों को यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक का समय दिया गया है।

पहले मेडिकल स्क्रीनिंग और दस्तावेज संबंधी प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2026 निर्धारित थी। हज कमेटी ने 1 सितंबर 2026 को जारी सर्कुलर नंबर-10 के क्रम में अब यह समयसीमा बढ़ाई है। इसका उद्देश्य उन यात्रियों को अतिरिक्त समय देना है, जो निर्धारित समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं।

सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में करानी होगी मेडिकल स्क्रीनिंग

जिन अस्थायी रूप से चयनित यात्रियों ने अभी तक स्टेज-1 मेडिकल स्क्रीनिंग नहीं कराई है, उन्हें 30 सितंबर तक किसी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी होगी। इसके लिए सरकारी एलोपैथिक मेडिकल ऑफिसर से आवश्यक चिकित्सीय जांच कराना जरूरी है।

मेडिकल जांच पूरी होने के बाद यात्रियों को सर्कुलर नंबर-10 के साथ जारी प्राइमरी मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस सर्टिफिकेट प्रोफार्मा के अनुसार फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। यात्रियों को यह प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी करने की सलाह दी गई है।

NRI यात्रियों को भी मिली सुविधा

विदेश में रहने वाले NRI यात्रियों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। ऐसे यात्री अपने वर्तमान निवास वाले देश में प्राथमिकता के आधार पर किसी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से मेडिकल स्क्रीनिंग करा सकते हैं।

जांच के बाद उन्हें फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। इस व्यवस्था से NRI यात्रियों को मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए अनिवार्य रूप से भारत लौटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मेडिकल जांच के बाद दस्तावेज अपलोड करना जरूरी

मेडिकल स्क्रीनिंग पूरी होने के बाद यात्रियों को हज कमेटी ऑफ इंडिया के पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड नहीं कर पाने वाले यात्रियों के लिए हार्ड कॉपी जमा करने का विकल्प भी दिया गया है।

ऐसे यात्रियों को संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश हज कमेटी में दस्तावेजों की हार्ड कॉपी 1 अक्टूबर 2026 तक जमा करनी होगी।

आवश्यक दस्तावेजों में प्रमुख रूप से प्राइमरी मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस सर्टिफिकेट तथा पे-इन-स्लिप या ऑनलाइन भुगतान रसीद की प्रति शामिल है।

मूल मेडिकल दस्तावेज संभालकर रखें

हज कमेटी ने यात्रियों को मेडिकल स्क्रीनिंग से जुड़े मूल दस्तावेज और सभी जांच रिपोर्ट सुरक्षित रखने की सलाह दी है। इन दस्तावेजों की जरूरत आगे स्टेज-2 मेडिकल स्क्रीनिंग और टीकाकरण के दौरान मेडिकल टीम के सामने पड़ सकती है।

इसलिए यात्रियों को केवल ऑनलाइन दस्तावेज जमा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मूल प्रमाणपत्र और जांच रिपोर्ट भी सुरक्षित रखना जरूरी है।

मेडिकल फिटनेस पूरी नहीं होने पर रद्द हो सकती है उम्मीदवारी

हज कमेटी के निर्देशों के अनुसार, निर्धारित मेडिकल फिटनेस मानकों के आधार पर यदि कोई यात्री चिकित्सकीय रूप से अयोग्य पाया जाता है, तो उसकी उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है। ऐसे मामलों में जमा की गई राशि लागू नियमों के अनुसार वापस किए जाने का प्रावधान बताया गया है।

वहीं, यदि कोई यात्री अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी छिपाता है या गलत जानकारी देता है, तो हज नीति के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें जमा राशि जब्त किए जाने के साथ कानूनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

राज्य हज कमेटियों को समय पर प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश

हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हज कमेटियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ समन्वय करने और मेडिकल स्क्रीनिंग का उचित रिकॉर्ड रखने को कहा गया है।

चिकित्सकीय रूप से अयोग्य पाए जाने वाले यात्रियों के मामलों की जानकारी भी हज कमेटी ऑफ इंडिया को तत्काल देने के निर्देश हैं।

हज कमेटी ने अस्थायी रूप से चयनित सभी यात्रियों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें। यात्रियों को 30 सितंबर 2026 से पहले मेडिकल स्क्रीनिंग और संबंधित औपचारिकताएं पूरी कर लेनी चाहिए, जबकि जहां हार्ड कॉपी जमा करनी है, वहां 1 अक्टूबर की समयसीमा का ध्यान रखना होगा।

यह भी पढ़ें: भारत-वेस्टइंडीज टी20 मैच के टिकट की कीमत जल्द होगी तय, JSCA में सुरक्षा पर खास फोकस