विश्व आदिवासी दिवस पर JFDCL ने कराई विशेष फिल्म स्क्रीनिंग, युवाओं को फिल्म मेकिंग के करियर की दी जानकारी

रांची: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित आदिवासी महोत्सव के तहत झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDCL) की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 9 और 10 अगस्त को आयोजित महोत्सव के दौरान अमर शहीद चांद-भैरव मुर्मू मंडप में आदिवासी जीवन, संस्कृति और परंपराओं पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं और विभिन्न महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। फिल्म स्क्रीनिंग के साथ फिल्म निर्माण के क्षेत्र में करियर को लेकर पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया।

आदिवासी जीवन और संस्कृति पर आधारित फिल्मों की स्क्रीनिंग

कार्यक्रम का शुभारंभ सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के हेड ऑफ डिपार्टमेंट शुक्रांतो मजूमदार, शिलाजीत सान्याल, नीलांजन बनर्जी, अभिनेत्री कल्याणी खत्री और झारखंड के फिल्म निर्देशक बीजू टोप्पो एवं निरंजन कुजूर की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान आदिवासी जीवन, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सरोकारों पर आधारित कई शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इनमें EPIL, PANCHABHUTA, PAHADA KUDUK, BURO GHAR, THE GIRL WHO LIVED IN THE LOO, LONG LOST HOME, SONDHAYNI, ANGEN, PAPAYA, SARI SARJOM, LADY TARZEN, EDPA KANA, MAN MELODY और DOLLS शामिल रहीं।

फिल्मों के प्रदर्शन के दौरान युवाओं और विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

फिल्म मेकिंग में करियर को लेकर हुआ पैनल डिस्कशन

कार्यक्रम में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं को लेकर विशेष पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने युवाओं को फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी। सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के शुक्रांतो मजूमदार ने साउंड प्रोडक्शन के क्षेत्र में मौजूद करियर विकल्पों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संस्थान में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और तकनीकी प्रशिक्षण के बारे में बताते हुए कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया।

युवाओं को रचनात्मकता और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की सलाह

शिलाजीत सान्याल ने कहा कि फिल्म मेकिंग से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रम युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने का अवसर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के कई युवा अपनी प्रतिभा के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। फिल्म निर्देशक निरंजन कुजूर ने फिल्म निर्माण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने युवाओं को रचनात्मकता, समर्पण और लगातार सीखते रहने की भावना के साथ इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अभिनेत्री कल्याणी खत्री ने साझा किए संघर्ष के अनुभव

अभिनेत्री कल्याणी खत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए फिल्म इंडस्ट्री में सफलता के लिए अनुशासन, समर्पण और मेहनत को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अपने संघर्ष और अनुभव साझा करते हुए युवाओं से अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करने की अपील की। पैनल डिस्कशन के दौरान विशेषज्ञों ने फिल्म निर्माण से जुड़े पाठ्यक्रमों, रोजगार के अवसरों और इंडस्ट्री में उपलब्ध विभिन्न संभावनाओं पर भी जानकारी साझा की।

10 अगस्त को आयोजित होगी विशेष मास्टर क्लास

आयोजकों के अनुसार, 10 अगस्त को युवाओं के लिए विशेष मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा। इसमें अनुभवी विशेषज्ञ फिल्म निर्माण से जुड़े विषयों पर युवाओं के साथ सीधे संवाद करेंगे। मास्टर क्लास के दौरान प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझने और इस क्षेत्र से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं के बारे में सीखने का अवसर मिलेगा।

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