GST Council Meeting: 8 अक्टूबर को बड़ी बैठक, झारखंड उठाएगा ₹20-22 हजार करोड़ नुकसान का मुद्दा
- By rakesh --
- 06 Oct 2026 --
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रांची: जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक 8 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में होगी। बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसकी अध्यक्षता करेंगी। देश के सभी राज्यों के वित्त मंत्री बैठक में शामिल होंगे।
यह बैठक पहले 12 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और अन्य कारणों से इसकी तारीख बदल दी गई थी। अब करीब एक साल बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक होने जा रही है, जिसे कई मुद्दों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
झारखंड उठाएगा राजस्व और GST मुआवजे का मुद्दा
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर राज्य से जुड़े कई मुद्दों को बैठक में रखेंगे। उन्होंने कहा है कि जीएसटी में बदलाव के बाद राज्य की आय पर पड़े असर और हुए नुकसान का मुद्दा उठाया जाएगा।
उनके मुताबिक जीएसटी की प्रक्रिया को और आसान बनाने के साथ राज्यों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा जरूरी है। झारखंड की ओर से वैट से मिलने वाले हिस्से और वैट पर टैक्स लगाने का अधिकार राज्यों को देने की मांग रखी जाएगी।
इसके अलावा राज्य की ओर से GST Compensation की राशि देने की मांग भी की जाएगी।
झारखंड को ₹20-22 हजार करोड़ के नुकसान का दावा
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने दावा किया कि जीएसटी सरलीकरण के नाम पर झारखंड को करीब 20 से 22 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
उन्होंने एमएमडीआर में बदलाव, मनरेगा का नाम बदलकर जीरामजी किए जाने और जीएसटी सरलीकरण को इसका कारण बताया। उनका कहना है कि इन मुद्दों को जीएसटी काउंसिल के सामने रखा जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र की नीतियों का असर झारखंड की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है और इस विषय पर राज्य का पक्ष बैठक में रखा जाएगा।
MMDR में बदलाव को लेकर भी झारखंड की आपत्ति
राधाकृष्ण किशोर ने एमएमडीआर में किए गए बदलाव पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जमीन राज्य के अधिकार में है, जबकि जमीन के नीचे मौजूद खनिज संवैधानिक व्यवस्था के तहत केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आता है।
उन्होंने कहा कि धारा 9डी और धारा 2 में बदलाव से राज्यों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उनके मुताबिक अगर इसी तरह अधिकार केंद्र के पास जाते रहे तो भविष्य में राज्यों के अधिकार और सीमित हो सकते हैं।
वित्त मंत्री ने इसे संघीय ढांचे के लिए चिंता का विषय बताया है।
चार साल में 76% बढ़ा GST कलेक्शन, मुआवजा घटा
झारखंड सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में राज्य का एसजीएसटी वास्तविक संग्रह 13,980 करोड़ रुपये रहा। वहीं, 2026-27 के लिए एसजीएसटी का बजट लक्ष्य 14,564 करोड़ रुपये रखा गया है।
राज्य के अनुसार, चार वर्षों में जीएसटी कलेक्शन में 76 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, इसी अवधि में जीएसटी मुआवजे की राशि में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
वर्ष 2021-22 में झारखंड को जीएसटी कम्पनसेशन के रूप में 1,526 करोड़ रुपये मिले थे। 2024-25 में यह राशि घटकर 36 करोड़ रुपये रह गई। यानी चार साल में मुआवजे की राशि करीब 98 प्रतिशत कम हो गई।
अब 8 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में झारखंड सरकार इन मुद्दों को किस तरह रखती है और राज्यों के राजस्व व अधिकारों से जुड़े विषयों पर क्या चर्चा होती है, इस पर नजर रहेगी।
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