झारखंड विधानसभा और CMO को बम से उड़ाने की धमकी, 4 घंटे चला सर्च ऑपरेशन

झारखंड विधानसभा और CMO को बम से उड़ाने की धमकी, 4 घंटे चला सर्च ऑपरेशन

Ranchi: झारखंड विधानसभा और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को शुक्रवार को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा प्रशासन ने तत्काल रांची के विधानसभा थाना में लिखित सूचना दी। इसके बाद विधानसभा समेत अन्य संवेदनशील परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई।

धमकी मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते को सक्रिय किया गया और पूरे इलाके में सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई। कई घंटे तक चले तलाशी अभियान के बावजूद कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।

विधानसभा और CMO परिसर में चार घंटे चला सर्च ऑपरेशन

सूचना मिलते ही झारखंड जगुआर की बीडीडीएस (बम निरोधक एवं पहचान दस्ता) टीम मौके पर पहुंची। टीम ने झारखंड विधानसभा, प्रोजेक्ट भवन यानी सचिवालय और मुख्यमंत्री कार्यालय परिसर की गहन जांच की।

करीब चार घंटे तक चले तलाशी अभियान में सुरक्षा टीमों ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। हालांकि, इस दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर तीनों अति-संवेदनशील परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।

सुरक्षा एजेंसियां धमकी को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही हैं।

धमकी भेजने वाले ई-मेल की हो रही तकनीकी जांच

धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरीय अधिकारी भी सक्रिय हो गए। साइबर सेल और तकनीकी टीम उस ई-मेल की जांच कर रही है, जिससे विधानसभा और सीएमओ को धमकी भेजी गई।

पुलिस ई-मेल के आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी जानकारियों के जरिए इसके स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रही है। जांच का उद्देश्य धमकी भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करना और यह पता लगाना है कि धमकी वास्तविक थी या किसी ने जानबूझकर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया।

मार्च में भी सरकारी भवनों को मिली थी धमकी

झारखंड में सरकारी भवनों और अदालत परिसरों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले मार्च में रांची समाहरणालय के अलावा धनबाद और साहिबगंज सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी दी गई थी।

उस समय भी सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित परिसरों को खाली कराया था और डॉग स्क्वॉड तथा बीडीडीएस टीम की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती गई थी।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जारी

विधानसभा अधिकारी को 11 अगस्त को इस संबंध में कॉल या सूचना मिलने के बाद से ही सुरक्षा तंत्र सतर्क बताया जा रहा है। शुक्रवार को ई-मेल से मिली धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने फिर से व्यापक जांच शुरू की।

फिलहाल तलाशी अभियान में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। पुलिस ई-मेल के तकनीकी स्रोत और उससे जुड़े अन्य सुरागों की जांच कर रही है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी के पीछे किसका हाथ था और उसका उद्देश्य क्या था।

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