झारखंड में छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, आदित्य साहू ने राहुल गांधी से मांगा जवाब
- By rakesh --
- 12 Aug 2026 --
- comments are disable
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में झारखंड एनडीए और ओडिशा के सांसदों ने संसद भवन परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान झारखंड में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी से जवाब मांगा गया।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि झारखंड में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंदोलन स्थल से उन्हें हटाने का प्रयास किया गया। पार्टी नेताओं ने इन आरोपों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
आदित्य साहू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड में छात्रों के आंदोलन के दौरान कई बार लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने दावा किया कि रात के समय भी आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई।
साहू ने कहा कि राहुल गांधी की ओर से छात्रों के मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दिए जाने के बावजूद झारखंड सरकार पर उनकी ओर से पर्याप्त दबाव नहीं बनाया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि कांग्रेस छात्रों की मांगों का समर्थन करती है तो उसे राज्य सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से बात करनी चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी से मांग की कि या तो छात्रों की मांगें पूरी कराने के लिए हेमंत सोरेन सरकार पर दबाव बनाया जाए या फिर सरकार से समर्थन वापस लेने का निर्णय लिया जाए। हालांकि, ये सभी आरोप और मांगें भाजपा नेता के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग को लेकर आंदोलन
भाजपा के अनुसार, आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में पिछले वर्षों में हुई भर्ती परीक्षाओं की जांच शामिल है। आदित्य साहू ने कहा कि जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल और उत्पाद सिपाही समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग छात्रों की ओर से की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और झामुमो के बीच राजनीतिक समर्थन के बावजूद छात्रों के मुद्दे पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है। भाजपा नेता ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
आंदोलन स्थल पर बिजली काटने का भी लगाया आरोप
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पर देर रात प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल के पहुंचने के बाद बिजली काट दी गई तथा छात्रों को वहां से हटाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद प्रशासन पीछे हटा। भाजपा ने इसे सरकार की ओर से आंदोलन को दबाने का प्रयास बताया है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी इस बयान में नहीं दी गई है।
संसद परिसर में लगाए गए नारे
प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी से जवाब मांगने वाले नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसे पोस्टर और तख्तियां थीं, जिनमें छात्रों के साथ कथित हिंसा और अन्याय को लेकर कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किए गए थे।
भाजपा नेताओं ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर पार्टी सड़क से संसद तक आवाज उठाती रहेगी। आदित्य साहू ने चेतावनी दी कि छात्रों के साथ किसी भी तरह की ज्यादती होने पर भाजपा आंदोलन को और तेज करेगी।
कई सांसद प्रदर्शन में रहे शामिल
प्रदर्शन में झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, विद्युत वरण महतो, बीडी राम, डॉ. प्रदीप वर्मा, चंद्रप्रकाश चौधरी, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह सहित अन्य सांसद मौजूद रहे। ओडिशा के सांसदों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े छात्रों के मुद्दे पर पार्टी उनके साथ खड़ी है और कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती रहेगी।
यह भी पढ़ें: Cristiano Ronaldo Wedding: जॉर्जिना रोड्रिगेज संग शादी के बंधन में बंधे रोनाल्डो