झारखंड में SIR प्रक्रिया तेज करने का निर्देश, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बोले- जांच के बिना सामूहिक आदेश नहीं
- By rakesh --
- 25 Oct 2026 --
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रांची। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सुनवाई और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया में किसी तरह की खानापूर्ति न हो। प्रत्येक मामले में उपलब्ध अभिलेखों और दस्तावेजों की नियमानुसार जांच एवं सत्यापन के बाद ही उचित निर्णय लेकर अंतिम आदेश पारित किया जाए। बिना समुचित निरीक्षण और जांच के सामूहिक रूप से आदेश जारी करने से बचने को कहा गया है।
सुनवाई और सत्यापन में पारदर्शिता पर जोर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि SIR से जुड़े प्रत्येक मामले का नियमानुसार निपटारा किया जाए और प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा गंभीरता बनाए रखी जाए।
नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के मामलों में तेजी लाएं
के. रवि कुमार ने नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने को कहा। इसके साथ ही फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुनवाई की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
26 अक्टूबर की बैठक में साझा होगी SIR की प्रगति
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 26 अक्टूबर को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रगति साझा की जाएगी। इसे देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को सुनवाई की प्रक्रिया में तेजी लाने और ईसीआईनेट (ECINet) पर विभिन्न प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन में प्रगति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
होम-टू-रोल सत्यापन के लिए भौतिक निरीक्षण जरूरी
निर्देश के अनुसार, होम-टू-रोल सत्यापन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को भौतिक निरीक्षण करना होगा। नए पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से विशेष शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है। खासकर उन इलाकों में ऐसे शिविर लगाने को कहा गया है, जहां जनजातीय आबादी अधिक है।
कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाता सूची को समावेशी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए दूरदराज के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के साथ दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी श्रमिकों, बेघर लोगों तथा सामाजिक या भौगोलिक रूप से वंचित समूहों तक सक्रिय रूप से पहुंचने का निर्देश दिया गया है।
संबंधित अधिकारियों को इन समूहों के लोगों को मतदाता पंजीकरण, नाम या विवरण में सुधार तथा दावा-आपत्ति की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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