धान बेचने वाले किसानों के लिए बड़ी खबर, झारखंड में बोनस बढ़ाकर 109 रुपये करने की तैयारी
- By rakesh --
- 27 Oct 2026 --
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रांची। झारखंड में सरकारी धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों को अब पहले से अधिक बोनस मिलने की उम्मीद है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर दिए जाने वाले बोनस को 84 रुपये से बढ़ाकर 109 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव पर मंगलवार को होने वाली राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में सहमति मिल सकती है।
बोनस में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर लगभग 43.60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है। इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में सड़क निर्माण, ग्रामीण विकास और नगर विकास विभाग समेत विभिन्न विभागों के करीब तीन दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है।
धान बोनस बढ़ाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट की नजर
खाद्य आपूर्ति विभाग ने किसानों को धान की बिक्री पर मिलने वाले बोनस में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत वर्तमान 84 रुपये प्रति क्विंटल के बोनस को बढ़ाकर 109 रुपये किया जाना है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा।
धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य घटाकर 40 लाख क्विंटल
झारखंड में धान खरीद का लक्ष्य संशोधित कर 40 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है। इससे पहले धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य 50 लाख क्विंटल था। विभागीय आकलन के अनुसार, केंद्र सरकार के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के सेंट्रल पूल के लिए 19.60 लाख क्विंटल और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लिए 19,79,412 क्विंटल धान की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है। इसी आकलन के आधार पर खरीद लक्ष्य कम किया गया है।
विधानसभा के विशेष सत्र पर भी हो सकता है फैसला
कैबिनेट की बैठक में नवंबर के पहले सप्ताह में झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर भी निर्णय हो सकता है। इस सत्र में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में प्रस्ताव पारित कराने की तैयारी है। इसके अलावा झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है।
प्रति एकड़ 16 क्विंटल तक धान बेच सकेंगे किसान
सरकारी नियमों के अनुसार, किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ अधिकतम 16 क्विंटल धान बेच सकते हैं। वहीं, कुल जोत के आधार पर एक किसान के लिए अधिकतम 200 क्विंटल धान बिक्री की सीमा निर्धारित है। धान बेचने से पहले किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही जमीन का सत्यापन और ई-केवाईसी कराना भी अनिवार्य है।
सामान्य और ग्रेड-ए धान का निर्धारित मूल्य
निर्धारित दर के अनुसार, सामान्य धान के लिए किसानों को 2,550 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान के लिए 2,570 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाएगा। किसान अपने नजदीकी धान अधिप्राप्ति केंद्र पर सुबह 10 बजे से शाम चार बजे के बीच धान बेच सकते हैं।
बोनस बढ़ाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद किसानों को धान बिक्री पर मिलने वाली कुल राशि में बढ़ोतरी हो सकती है।
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