झारखंड में दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस अलर्ट, पंडालों से विसर्जन तक सुरक्षा की तैयारी

झारखंड में दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस अलर्ट, पंडालों से विसर्जन तक सुरक्षा की तैयारी

रांची: दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए झारखंड पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 28 सितंबर को पुलिस मुख्यालय, रांची में पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक की अध्यक्षता में राज्यभर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, डीआईजी, वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों से उनके जिलों की तैयारियों की जानकारी ली गई।

बैठक में पुलिस अधिकारियों को पूजा पंडालों से लेकर विसर्जन जुलूस और विजयादशमी कार्यक्रम तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील इलाकों की पहचान, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और सोशल मीडिया पर निगरानी को भी सुरक्षा योजना का हिस्सा बनाया गया है।

सभी पूजा पंडालों का होगा सत्यापन

पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी पूजा पंडालों का सत्यापन करने का निर्देश दिया है। वरीय पुलिस अधिकारियों को खुद पंडालों का दौरा कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने को कहा गया है।

पंडालों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और दंडाधिकारी की तैनाती की जाएगी। ड्यूटी पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों के पास वायरलेस सेट रखने का भी निर्देश दिया गया है।

भीड़ वाले पूजा स्थलों पर पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है। पर्याप्त रोशनी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और CCTV कैमरे लगाने पर भी जोर दिया गया है। संवेदनशील पंडालों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी।

24×7 कंट्रोल रूम और QRT रहेगी तैनात

त्योहार के दौरान किसी भी घटना पर तत्काल प्रतिक्रिया के लिए जिलों में 24×7 नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है। संयुक्त नियंत्रण कक्ष से लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी।

जिलों में तैनात पुलिस बल को दंगा रोधी संसाधनों से लैस रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए QRT यानी क्विक रिस्पॉन्स टीम तैयार रखने को कहा गया है। भीड़ वाले इलाकों में पुलिस हेल्पडेस्क बनाने की व्यवस्था भी की जाएगी।

इसके अलावा अग्निशमन सेवा, आपातकालीन चिकित्सा, बिजली आपूर्ति और पुलिस व अन्य इमरजेंसी सेवाओं के नंबर लोगों तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बड़े पंडालों में Emergency Exit Gate की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

छेड़खानी, चोरी और सोशल मीडिया पर रहेगी नजर

दुर्गा पूजा के दौरान महिलाओं के साथ छेड़खानी, चोरी और छिनतई जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। डांडिया और अन्य नृत्य कार्यक्रमों में महिलाओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस को सोशल मीडिया पर भी नजर रखने को कहा गया है। भड़काऊ भाषण, आपत्तिजनक पोस्ट या अफवाह के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों को अवैध चंदा वसूली की शिकायतों पर भी नजर रखने और ऐसे मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अवैध मादक पदार्थ और शराब के खिलाफ छापेमारी जारी रखने को कहा गया है।

विसर्जन जुलूस और घाटों पर भी रहेगी कड़ी सुरक्षा

मूर्ति विसर्जन को लेकर जुलूस की तारीख और मार्गों का पहले से सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है। जुलूस मार्ग में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों और संवेदनशील या विवादित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारी की तैनाती की जाएगी।

विसर्जन घाटों और नदियों पर गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। जुलूस की वीडियोग्राफी और जरूरत के अनुसार ड्रोन से निगरानी की जाएगी।

साउंड सिस्टम के जरिए आपत्तिजनक या उत्तेजक गानों के इस्तेमाल पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही DJ को लेकर उच्च न्यायालय की ओर से जारी आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

विजयादशमी पर भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस

विजयादशमी के कार्यक्रमों में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को भगदड़ और कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से सुरक्षा उपाय तैयार रखने को कहा गया है।

सभी पुलिस अधीक्षकों को सांप्रदायिक मामलों से जुड़े लंबित मामलों, वारंट और कुर्की की कार्रवाई में तेजी लाने के साथ थाना और जिला स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित करने को कहा गया है।

पुलिस को संवेदनशील Hot-Spot चिन्हित कर वहां लगातार खुफिया जानकारी जुटाने, स्थानीय लोगों के संपर्क में रहने और सघन गश्ती व Anti-Crime Checking करने का भी निर्देश दिया गया है।

बैठक में एडीजी अभियान टी. कंदसामी, एडीजी अप०अनु०वि० मनोज कौशिक, आईजी विशेष शाखा प्रभात कुमार, आईजी मानवाधिकार पंकज कम्बोज, आईजी प्रोविजन पटेल मयूर कनैयालाल, डीआईजी विशेष शाखा चौथे मनोज रतन समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

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