RIMS Ranchi में महिला मरीज की मौत के बाद हंगामा, जूनियर डॉक्टरों और परिजनों में मारपीट
- By rakesh --
- 07 Sep 2026 --
- comments are disable
रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के सर्जरी विभाग में भर्ती एक महिला मरीज की मौत के बाद रविवार को हंगामा हो गया। इटकी निवासी नसीमा खातून की सी-टू वार्ड में इलाज के दौरान दोपहर करीब 2:30 बजे मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए वार्ड में विरोध शुरू कर दिया।
घटना के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और परिजनों तथा जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद के बाद मारपीट की नौबत आ गई। सूचना मिलने पर बरियातू थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज बोदरा के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।
इलाज में लापरवाही का आरोप, डॉक्टरों से विवाद
महिला की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं, रिम्स जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का दावा है कि हंगामे के दौरान परिजनों ने स्लाइन स्टैंड के रॉड को उठाकर पटक दिया और एक पीजी छात्र के साथ हाथापाई की।
वार्ड में मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने घटना की जानकारी अपने अन्य साथियों को दी। इसके बाद कई मेडिकल छात्र वार्ड में पहुंच गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर मारपीट भी हुई।
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर बरियातू पुलिस मौके पर पहुंची। विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज बोदरा ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
निजी अस्पताल में हुई थी पैंक्रियाज की सर्जरी
जानकारी के अनुसार, नसीमा खातून की पैंक्रियाज की सर्जरी पहले एक निजी अस्पताल में कराई गई थी। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रिम्स लाया गया और डॉ. ए.के. कमल के वार्ड में भर्ती कराया गया।
सूत्रों के मुताबिक, भर्ती के समय ही परिजनों को महिला की स्थिति गंभीर होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, मृतका के परिजनों का कहना है कि महिला की स्थिति पहले ठीक थी और इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई।
महिला की मौत के कारणों और इलाज में लापरवाही के आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
जूनियर डॉक्टरों ने किया कार्य बहिष्कार
मारपीट की घटना और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने विरोध जताया। जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाओं में कुछ समय के लिए कार्य बहिष्कार किया।
बताया गया कि दोपहर करीब 2:20 बजे से 3:20 बजे तक डॉक्टर वार्ड से बाहर रहे। घटना की जानकारी मिलने पर रिम्स के निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा मौके पर पहुंचे और जूनियर डॉक्टरों से बातचीत की।
निदेशक ने डॉक्टरों को अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया। इसके तहत सीसीटीवी कैमरों को चालू कराने और वार्ड में एक से अधिक परिजनों के प्रवेश पर नियंत्रण रखने की बात कही गई।
सोमवार को जूनियर डॉक्टरों और प्रबंधन की होगी बैठक
रिम्स प्रबंधन के आश्वासन के बाद जूनियर डॉक्टरों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया। अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था और घटना से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर सोमवार को जूनियर डॉक्टरों और रिम्स प्रबंधन के बीच बैठक होने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल, महिला की मौत के बाद इलाज में लापरवाही के आरोप और अस्पताल परिसर में हुई मारपीट की घटना को लेकर मामला चर्चा में है। पुलिस और रिम्स प्रबंधन की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
यह भी पढ़ें: Patna Flood: बाढ़ के पानी से घिरा अर्धनारीश्वर मंदिर, श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक