IIIT Ranchi Protest: आदित्य की मौत के बाद दूसरे दिन भी प्रदर्शन, निदेशक के इस्तीफे की मांग
- By rakesh --
- 12 Oct 2026 --
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रांची: ट्रिपल आईटी रांची में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। हॉस्टल में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में कथित लापरवाही को लेकर छात्र-छात्राएं संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
सोमवार को संस्थान के चेयरपर्सन छात्रों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शन स्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर ही गतिरोध बन गया। चेयरपर्सन आगे बढ़ने पर अड़े रहे, जबकि छात्र भी अपनी मांगों पर कायम रहे। बातचीत शुरू होने से पहले ही हंगामे की स्थिति बन गई।
भूखे पेट धरने पर बैठे छात्र, मेस में नहीं बना खाना
प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, प्रबंधन ने 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे चेयरपर्सन और निदेशक के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया था। तय समय पर बातचीत नहीं होने से छात्रों का आक्रोश बढ़ गया।
छात्रों ने बताया कि 11 अक्टूबर को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच के दौरान मेस में खाना नहीं बना था और सोमवार को भी भोजन नहीं दिया गया। इस कारण कई छात्र सुबह से भूखे पेट धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और निदेशक के इस्तीफे की मांग दोहराई।
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने कहा कि उनके बैचमेट की मौत गंभीर मामला है। उनका कहना था कि जब तक चेयरपर्सन प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत नहीं करते, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। छात्रों ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन और पुलिस ने सड़क जाम हटाने की अपील की
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की टीम और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। पुलिस ने सड़क जाम हटाने की अपील करते हुए कहा कि इससे आम लोगों, एंबुलेंस और अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
पुलिसकर्मियों ने छात्रों से कैंपस के भीतर प्रदर्शन करने को कहा, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा संस्थान की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और प्रबंधन की जवाबदेही बना हुआ है।
क्या है IIIT रांची के छात्र आदित्य की मौत का मामला?
ट्रिपल आईटी रांची में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) के प्रथम वर्ष के 20 वर्षीय छात्र आदित्य की 10 अक्टूबर की रात खेलगांव हाउसिंग स्थित हॉस्टल में मौत हो गई थी। वह बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला था। उसका शव हॉस्टल के ब्लॉक-1 की पांचवीं मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 504बी में मिला था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साथियों ने दरवाजा तोड़कर उसे अंदर देखा और नीचे लाने का प्रयास किया। इसके बाद परिजनों और विद्यार्थियों ने आपातकालीन सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए।
उनका आरोप है कि बिजली कटने के दौरान लिफ्ट बंद थी, एंबुलेंस में ड्राइवर और ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी तथा मेडिकल स्टाफ भी उपलब्ध नहीं था। छात्रों और परिजनों ने आशंका जताई कि इन परिस्थितियों के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका।
हालांकि, संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने कहा था कि छात्र को 10 मिनट के भीतर अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने एंबुलेंस में जरूरी सुविधाओं की कमी की जानकारी नहीं होने की बात कही थी और अनियमितता मिलने पर जांच कराने का आश्वासन दिया था।
पिता ने दर्ज कराई प्राथमिकी, NHRC ने लिया संज्ञान
आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने संस्थान के निदेशक और प्रबंधन के अन्य कर्मियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्राथमिकी में हॉस्टल की आपातकालीन व्यवस्था और निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के पालन को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी संज्ञान लेते हुए जांच की बात कही है।
फिलहाल छात्र संस्थान की जवाबदेही तय करने और निदेशक के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच और उसके निष्कर्षों से मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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