मंईयां सम्मान योजना: इन वजहों से रुक सकती है किस्त

मंईयां सम्मान योजना: इन वजहों से रुक सकती है किस्त, लाभार्थी तुरंत करें ये काम

रांची। झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी लाभार्थी महिलाओं के बीच अक्सर यह सवाल रहता है कि खाते में योजना की राशि क्यों नहीं पहुंची या सूची में उनका नाम क्यों दिखाई नहीं दे रहा है। कई बार लाभार्थियों को इसका स्पष्ट कारण पता नहीं चल पाता और वे संबंधित कार्यालयों या प्रज्ञा केंद्रों का चक्कर लगाती हैं।

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग से जुड़े अपडेट्स के अनुसार, योजना में फर्जीवाड़े और गलत लाभ लेने के मामलों को रोकने के लिए लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ऐसे में अगर किसी लाभार्थी की किस्त अटक गई है या नाम सूची से हट गया है, तो इसके पीछे कुछ महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं।

सत्यापन फॉर्म जमा नहीं करना पड़ सकता है कारण

मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों के लिए सत्यापन प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। जिन महिलाओं ने निर्धारित सत्यापन फॉर्म स्थानीय पंचायत या आंगनबाड़ी केंद्र में जमा नहीं किया है, उनके आवेदन की जांच प्रभावित हो सकती है।

ऐसे में लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्र में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन फॉर्म जमा करने की स्थिति की जानकारी लें। फॉर्म जमा करने में देरी होने पर भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होने की संभावना हो सकती है।

एक आधार से एक ही आवेदन मान्य

योजना में डुप्लीकेट आवेदन भी भुगतान रुकने या आवेदन निरस्त होने का कारण बन सकता है। यदि किसी लाभार्थी के नाम से एक से अधिक आवेदन दर्ज पाए जाते हैं, तो संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।

सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, एक आधार कार्ड के आधार पर एक ही वैध आवेदन स्वीकार किया जाना है। इसलिए लाभार्थियों को दोबारा आवेदन करने से पहले अपने पुराने आवेदन की स्थिति की जांच कर लेनी चाहिए।

अपात्रता मिलने पर सूची से हट सकता है नाम

सत्यापन के दौरान यदि लाभार्थी परिवार से जुड़ी ऐसी जानकारी सामने आती है, जिसके आधार पर वह योजना की पात्रता पूरी नहीं करता, तो आवेदन की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

उदाहरण के तौर पर सत्यापन में परिवार के पास कार या ट्रैक्टर होने अथवा परिवार के किसी सदस्य के सरकारी नौकरी में होने जैसी जानकारी सामने आने पर पात्रता की जांच की जा सकती है। पात्रता मानदंड पूरा नहीं होने की स्थिति में लाभार्थी को योजना से बाहर किया जा सकता है।

NPCI और DBT की वजह से भी अटक सकता है पैसा

कई बार लाभार्थी का नाम योजना में मौजूद रहता है, लेकिन बैंक खाते में राशि नहीं पहुंचती। ऐसी स्थिति में बैंक खाते से संबंधित तकनीकी समस्या भी कारण हो सकती है।

खास तौर पर आधार की बैंक खाते से सीडिंग, NPCI मैपिंग और DBT सुविधा की स्थिति की जांच करना जरूरी है। लाभार्थियों को अपने बैंक से संपर्क कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका आधार सही बैंक खाते से जुड़ा है और खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी DBT की सुविधा सक्रिय है।

लाभार्थी क्या करें?

अगर मंईयां सम्मान योजना की किस्त खाते में नहीं आई है, तो सबसे पहले अपने आवेदन और सत्यापन की स्थिति की जानकारी लें। इसके बाद स्थानीय पंचायत या आंगनबाड़ी केंद्र पर सत्यापन फॉर्म से संबंधित जानकारी प्राप्त करें।

साथ ही बैंक जाकर आधार सीडिंग, NPCI मैपिंग और DBT की स्थिति भी जांच कराएं। यदि आवेदन में डुप्लीकेट एंट्री या पात्रता से संबंधित कोई समस्या है, तो संबंधित स्थानीय केंद्र या विभागीय स्तर पर उसकी जानकारी लेकर आवश्यक सुधार की प्रक्रिया पूरी करें।

इस तरह सत्यापन, आवेदन की स्थिति और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी की जांच करने से भुगतान रुकने के संभावित कारण का पता लगाया जा सकता है।

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