Bargai Land Case: राजकुमार पाहन पर आरोप गठित, 21 सितंबर को कोर्ट में पेश होंगे हेमंत सोरेन
- By rakesh --
- 19 Sep 2026 --
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रांची: बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में शनिवार को पीएमएलए की विशेष अदालत ने आरोपी राजकुमार पाहन के खिलाफ आरोप गठित कर दिया। इस मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी छवि रंजन समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया अभी बाकी है। मामले में कुल 17 आरोपियों के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई चल रही है।
संवैधानिक दायित्वों के कारण कोर्ट नहीं पहुंच सके हेमंत सोरेन
शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हो सके। उनके अधिवक्ता की ओर से अदालत में याचिका दाखिल कर बताया गया कि मुख्यमंत्री संवैधानिक दायित्वों में व्यस्त हैं।
इसी वजह से वह व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश नहीं हो सके। अदालत को उनकी अनुपस्थिति का कारण बताते हुए अगली तारीख पर पेशी का अनुरोध किया गया।
21 सितंबर को शाम चार बजे तक पेशी का निर्देश
मामले की सुनवाई के लिए अदालत ने अगली तारीख 21 सितंबर तय की है। कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उस दिन शाम चार बजे तक व्यक्तिगत या वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
ताजा जानकारी के अनुसार, हेमंत सोरेन सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश हो सकते हैं।
17 में से 16 आरोपियों पर हो चुका है आरोप गठन
बड़गाईं जमीन मामले में कुल 17 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। शनिवार को राजकुमार पाहन के खिलाफ आरोप गठित होने के बाद अब तक 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं।
अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया बाकी है। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, यह मामला रांची के बड़गाईं क्षेत्र में 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जी दस्तावेज, अवैध अधिग्रहण और हस्तांतरण से संबंधित है।
मामले में हेमंत सोरेन ने आरोपों से इनकार किया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि या दोष तय होना न्यायिक प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही संभव होगा।
हाई कोर्ट ने खारिज की थी हेमंत सोरेन की याचिका
इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट ने 18 सितंबर को हेमंत सोरेन की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने पीएमएलए की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद अब विशेष अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी, जिसमें मुख्यमंत्री की पेशी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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