कांग्रेस के खिलाफ भाजपा का प्रदेशव्यापी अभियान, 2 से 5 नवंबर तक इन जिलों में पदयात्रा
- By rakesh --
- 31 Oct 2026 --
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रांची: झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2 नवंबर से ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत प्रदेशव्यापी पदयात्रा शुरू करने जा रही है। अभियान के पहले चरण में राज्य के छह जिलों में पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इसकी शुरुआत 2 नवंबर को राजधानी रांची से होगी। इसके बाद 3 नवंबर को गिरिडीह और हजारीबाग, 4 नवंबर को पलामू तथा 5 नवंबर को जमशेदपुर और दुमका में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। छठ महापर्व के बाद अभियान के दूसरे चरण में राज्य के शेष जिलों में भी पदयात्रा निकाली जाएगी।
भाजपा ने इस अभियान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी की ओर से अलग-अलग जिलों में कार्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है। भाजपा का कहना है कि पदयात्रा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आम लोग भी शामिल होंगे।
प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर तैयार किया गया अभियान का खाका
भाजपा के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देशानुसार ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक जिले में हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और आम नागरिक पदयात्रा में हिस्सा लेंगे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों के बेहतर संचालन और समन्वय के लिए जिलावार प्रभारियों की नियुक्ति कर दी गई है। पार्टी की योजना है कि पदयात्रा के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर लोकतंत्र, संविधान और राजनीतिक मुद्दों पर लोगों के बीच संवाद किया जाए।
छह जिलों में इन नेताओं को सौंपी गई जिम्मेदारी
भाजपा की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण की पदयात्रा के लिए छह जिलों में अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। 2 नवंबर को रांची में प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह अभियान की कमान संभालेंगे। 3 नवंबर को गिरिडीह में प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी और हजारीबाग में पूर्व विधायक बिरंची नारायण पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे।
4 नवंबर को पलामू में प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, 5 नवंबर को जमशेदपुर में विधायक राज सिन्हा और दुमका में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा पदयात्रा का संचालन करेंगे। छठ महापर्व के बाद दूसरे चरण में बाकी जिलों के लिए भी कार्यक्रम तय किए जाएंगे।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को कांग्रेस की हताशा बता रही भाजपा
पदयात्रा के उद्देश्य पर बात करते हुए मनोज सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार के बाद कांग्रेस चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना कांग्रेस की हताशा और निराशा को दर्शाता है।
मनोज सिंह ने कहा कि भाजपा इस अभियान के माध्यम से कांग्रेस की कथित दोहरी राजनीति को जनता के सामने उजागर करेगी। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता अराजकता के बजाय स्थिरता, सुशासन और विकास चाहती है।
SIR और मतदाता सूची को लेकर लोगों को किया जाएगा जागरूक
भाजपा की पदयात्रा के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी। मनोज सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित, दोहरे और अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में मदद मिलेगी। पार्टी इस विषय पर लोगों को जागरूक करने के साथ मतदाता सूची की शुद्धता के महत्व को भी सामने रखेगी।
आपातकाल का हवाला देकर कांग्रेस पर साधा निशाना
मनोज सिंह ने कांग्रेस पर हमला करते हुए देश में आपातकाल के दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की बात करती है, लेकिन देश आपातकाल के समय को नहीं भूला है। उनके आरोप के अनुसार, उस दौर में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का काम किया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति में लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऊपर परिवार को प्राथमिकता दी जाती रही है। भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्र सरकार की उपलब्धियां भी जनता तक पहुंचाएगी पार्टी
भाजपा के मुताबिक, पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों, सुशासन और विकास कार्यों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। पार्टी का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य जनता के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना और कांग्रेस की राजनीति का जवाब देना है।
पहले चरण में छह जिलों से शुरू होने वाला यह अभियान छठ महापर्व के बाद दूसरे चरण में राज्य के अन्य जिलों तक पहुंचेगा। इससे भाजपा को प्रदेशभर में अपने राजनीतिक संदेश और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को लोगों के बीच रखने का अवसर मिलेगा।
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