रिम्स की नई नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव, अधीक्षक को मिल सकते हैं 25 लाख के अधिकार

रिम्स की नई नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव, अधीक्षक को मिल सकते हैं 25 लाख के अधिकार

रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में डॉक्टरों की प्रोन्नति की प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत चिकित्सकों की पदोन्नति में मरीजों के इलाज, सर्जरी, शिक्षण और शोध में उनके योगदान को महत्व दिया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल वरीयता के आधार पर प्रमोशन देने के बजाय डॉक्टरों के काम और शैक्षणिक उपलब्धियों का मूल्यांकन करना है।

इसके लिए मौजूदा रिम्स नियमावली 2002 में बदलाव कर नई रिम्स विनियम-2026 व्यवस्था लाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष भेजा जाएगा।

प्रोन्नति के लिए 100 अंकों का होगा मूल्यांकन

प्रस्तावित नियमावली के अनुसार, डॉक्टरों की प्रोन्नति के लिए कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। इनमें 85 अंक निर्धारित मानकों के आधार पर और 15 अंक साक्षात्कार के लिए रखे गए हैं। प्रोन्नति के लिए न्यूनतम 50 अंक प्राप्त करना जरूरी होगा।

अंकों के प्रस्तावित विभाजन में शिक्षण एवं प्रशिक्षण के लिए 30 अंक, शोध कार्य के लिए 20 अंक, मरीजों की देखभाल के लिए 25 अंक और कॉरपोरेट गतिविधियों के लिए 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। साक्षात्कार के लिए 15 अंक रखे गए हैं। इस तरह डॉक्टरों की प्रोन्नति में उनके काम और अकादमिक उपलब्धियों को महत्व देने की योजना है।

एम्स की तर्ज पर तय होंगे प्रोन्नति के मानक

प्रस्ताव के मुताबिक, डॉक्टरों की प्रोन्नति के लिए एम्स नई दिल्ली की व्यवस्था को आधार बनाने की तैयारी है। पहले प्रोन्नति की प्रक्रिया राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) और उसके पूर्ववर्ती भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) के दिशा-निर्देशों पर आधारित थी।

वहीं, सीधी और नई नियुक्तियों के लिए अलग मूल्यांकन व्यवस्था प्रस्तावित है। इसमें निर्धारित मानकों के लिए 75 अंक और साक्षात्कार के लिए 25 अंक रखे जाने की बात कही गई है।

अधीक्षक को 25 लाख रुपये तक के अधिकार का प्रस्ताव

नई नियमावली में रिम्स अधीक्षक को 25 लाख रुपये तक के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार देने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके तहत अस्पताल और मरीजों के हित में जरूरी खरीदारी की जा सकेगी। आपात स्थिति में दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों, सर्जिकल सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए इन अधिकारों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

रिम्स की वेबसाइट पर मिलेंगी महत्वपूर्ण जानकारियां

रिम्स की वेबसाइट के संचालन और प्रबंधन को लेकर भी नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। प्रस्ताव के अनुसार, वेबसाइट पर संस्थान से जुड़े आदेश, सूचनाएं, निर्णय और कार्रवाई से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा मरीजों के रिकॉर्ड तथा जन्म और मृत्यु से जुड़े अभिलेखों की जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है।

डॉक्टरों और कर्मचारियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति का विवरण भी वेबसाइट पर दिखाने का प्रस्ताव है। रिम्स को सेंट्रल टेली-रेडियोलॉजी और टेली-आईसीयू के मुख्य केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी प्रस्तावित व्यवस्था का हिस्सा है।

पांच स्थायी समितियों के गठन की तैयारी

नई नियमावली में संस्थान के कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए पांच स्थायी समितियां बनाने का प्रस्ताव है। इनमें स्थायी सुरक्षा समिति, स्थायी शिकायत निवारण समिति, स्थायी शोध समिति, स्थायी अस्पताल संचालन समिति और स्थायी तकनीकी विशिष्टता समिति शामिल हैं।

इसके अलावा चार उपाधीक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव है। डीन के अधिकारों का विस्तार करने के साथ उनकी जिम्मेदारियां भी तय करने की योजना है। नई नियमावली का उद्देश्य डॉक्टरों की प्रोन्नति में पारदर्शिता बढ़ाने, चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और अस्पताल के प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाना है। हालांकि, प्रस्तावित प्रावधानों को लागू करने के लिए संबंधित स्तर पर मंजूरी जरूरी होगी।

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