चारा घोटाला केस में बड़ी कार्रवाई, 10 करोड़ की दवा आपूर्ति से जुड़े आरोपी की गिरफ्तारी
- By rakesh --
- 24 Oct 2026 --
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रांची: चारा घोटाला मामले में करीब 25 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी सत्येंद्र कुमार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने गुरुवार देर रात उत्तर प्रदेश के लखनऊ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सवार आरोपी को पकड़ा। उसके खिलाफ अदालत से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची ला रही है, जहां संबंधित विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
गुप्त सूचना के आधार पर लखनऊ स्टेशन पर कार्रवाई
सीबीआई को सूचना मिली थी कि सत्येंद्र कुमार मध्य प्रदेश के गुना से ट्रेन में सवार होकर लखनऊ पहुंचने वाला है। सूचना मिलने के बाद जांच एजेंसी की टीम ने लखनऊ रेलवे स्टेशन पर निगरानी शुरू कर दी।
ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने संबंधित बोगी में आरोपी की पहचान की और उसे हिरासत में ले लिया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेने की प्रक्रिया की गई। अब उसे रांची लाकर अदालत में पेश किया जाएगा।
10 करोड़ रुपये से अधिक की दवा आपूर्ति में कथित गड़बड़ी
सीबीआई की जांच के अनुसार, सत्येंद्र कुमार पर चारा घोटाले के दौरान पशुपालन विभाग को दवाओं की आपूर्ति के नाम पर सरकारी धन की कथित हेराफेरी करने का आरोप है। बताया जाता है कि उसने अपने सहयोगी दिनेश राय के साथ मिलकर दवा आपूर्ति से जुड़ी एक फर्म बनाई थी।
दोनों ने रांची स्थित बीआईटी मेसरा से बी-फार्मा की पढ़ाई की थी। आरोप है कि फर्म के माध्यम से 10 करोड़ रुपये से अधिक की दवाओं की आपूर्ति दर्शाकर घोटाले की रकम का गबन किया गया। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष संबंधित मामले के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा।
वर्ष 2001 में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद से था फरार
सत्येंद्र कुमार के खिलाफ सीबीआई ने वर्ष 2001 में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद से वह जांच एजेंसी की पकड़ से बाहर था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कथित तौर पर पटना स्थित अपना आवास भी छोड़ दिया था।
जांच एजेंसी को उसके नेपाल में रहने और वहां दवा कंपनी शुरू करने की सूचना भी मिली थी। अदालत की ओर से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद सीबीआई उसकी तलाश में जुटी थी। अब लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सहयोगी दिनेश राय को पहले ही मिल चुकी है सजा
इस मामले में सत्येंद्र कुमार के सहयोगी बताए जाने वाले दिनेश राय को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत उसे सजा भी सुना चुकी है। वहीं, सत्येंद्र कुमार लंबे समय से फरार रहने के कारण जांच एजेंसी के लिए तलाश का विषय बना हुआ था।
क्या है चारा घोटाला?
चारा घोटाला अविभाजित बिहार के समय पशुपालन विभाग में सरकारी धन की कथित अवैध निकासी से जुड़ा बहुचर्चित मामला है। वर्ष 1996 में सीबीआई ने इसकी जांच शुरू की थी। इस घोटाले से जुड़े अलग-अलग मामलों में कई राजनेताओं, सरकारी अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे चले। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव समेत कई आरोपियों को विभिन्न मामलों में अदालतों ने सजा सुनाई है।
सत्येंद्र कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई रांची की संबंधित विशेष अदालत में होगी।
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