Jharkhand BJP: गजेंद्र पटेल की पहली प्रेस वार्ता में हेमंत सरकार पर हमला, JPSC-JSSC से कानून-व्यवस्था तक उठे सवाल

Jharkhand BJP: गजेंद्र पटेल की पहली प्रेस वार्ता में हेमंत सरकार पर हमला, JPSC-JSSC से कानून-व्यवस्था तक उठे सवाल

रांची: भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद पार्टी ने राज्य सरकार के कामकाज को लेकर कई सवाल उठाए। बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने प्रेस वार्ता की। झारखंड प्रभारी बनने के बाद राज्य में यह उनकी पहली प्रेस वार्ता थी।

प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी ने विकास, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं, कानून-व्यवस्था और संसाधनों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार पर सवाल

गजेंद्र सिंह पटेल और भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर विकास से जुड़े वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सिंचाई जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में अब भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि इन समस्याओं का असर गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े, महिलाओं और युवाओं पर पड़ रहा है। ये दावे भाजपा की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

जमीन, बालू और खनिज संसाधनों का मुद्दा

प्रेस वार्ता में जमीन, बालू और खनिज संसाधनों से जुड़े मामलों को भी भाजपा ने उठाया। पार्टी नेताओं ने राज्य में भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए।

गजेंद्र पटेल ने जमीन, जंगल और खनिज संसाधनों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा इन विषयों को पहले भी आंदोलन के जरिए उठाती रही है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि झारखंड में जल, जंगल और जमीन महत्वपूर्ण मुद्दे हैं और इन संसाधनों के संरक्षण तथा जनहित में इस्तेमाल को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।

JPSC-JSSC और रोजगार का मुद्दा

भाजपा ने प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। JPSC, JSSC और CGL जैसी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का हवाला देते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि इससे अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी है।

गजेंद्र पटेल ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों को युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए। भाजपा का दावा है कि इन मुद्दों को लेकर युवाओं में सरकार के प्रति नाराजगी है। हालांकि, किसी परीक्षा में कथित अनियमितता को लेकर अलग-अलग मामलों की जांच और आधिकारिक स्थिति अलग हो सकती है।

महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर भी निशाना

प्रेस वार्ता में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी भाजपा नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाए। पार्टी ने कहा कि महिलाओं और बेटियों से जुड़े मामलों तथा राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को अधिक जवाबदेही के साथ काम करने की जरूरत है।

गजेंद्र पटेल ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई आरोप लगाए और भाजपा की ओर से इन मुद्दों को आगे उठाने की बात कही। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अपराध और जमीन से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया।

मतदाता सूची और SIR का मुद्दा

प्रेस वार्ता में मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा भी सामने आया। भाजपा नेताओं ने वास्तविक मतदाताओं की पहचान और मतदाता सूची को लेकर अपनी स्थिति रखी।

पार्टी नेताओं ने ऐसे नामों को हटाने की बात कही, जिन्हें वे वास्तविक मतदाता नहीं मानते। हालांकि, मतदाता सूची से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।

आंदोलन और संगठन को लेकर भाजपा का रुख

भाजपा नेताओं ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी आगे भी सरकार को घेरती रहेगी। गजेंद्र पटेल ने संगठनात्मक कार्यक्रमों और आंदोलनों के जरिए राज्य के मुद्दों को उठाने की बात कही है।

इसके साथ ही भाजपा ने सेवा गतिविधियों और संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया। कोर कमेटी की बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई थी।

प्रेस वार्ता से यह स्पष्ट है कि भाजपा आने वाले दिनों में रोजगार, भर्ती परीक्षा, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और संसाधनों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रूप से प्रमुखता देने की तैयारी में है।

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