JPSC-JSSC जांच पर बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा, बंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश करने पर उठाए सवाल
- By rakesh --
- 15 Sep 2026 --
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रांची: हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से CID की जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में पेश किए जाने के बाद झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जांच रिपोर्ट को बंद लिफाफे में रखने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी।
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने JPSC और JSSC से जुड़े मामलों की जांच को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि छात्र, बेरोजगार और आम लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
बंद लिफाफे में रिपोर्ट पर उठाया सवाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अगर CID की जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है तो सरकार को किसी बात की चिंता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में जांच रिपोर्ट को बंद लिफाफे में पेश करने की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने अपने बयान में सरकार से यह भी पूछा कि वह CBI जांच कराने से पीछे क्यों हट रही है। मरांडी के अनुसार, JPSC-JSSC से जुड़े मामलों में पारदर्शी जांच युवाओं के हित में जरूरी है।
JPSC-JSSC जांच को लेकर सरकार पर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC से जुड़े मामलों की जांच लंबे समय से टाली और भटकाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जांच के जरिए वास्तविक दोषियों और कथित रूप से लाभ लेने वाले लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, ये आरोप बाबूलाल मरांडी की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।
मरांडी ने कहा कि जिन अधिकारियों की भूमिका को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं, उनकी अगुवाई में होने वाली CID जांच पर जनता किस तरह पूरा भरोसा करेगी। उन्होंने सरकार से जांच की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता देने की मांग की।
मुख्यमंत्री से CBI जांच की सिफारिश करने की मांग
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से बिना देरी CBI जांच की सिफारिश करने की मांग की। उनका कहना है कि JPSC-JSSC से जुड़े विवादों की निष्पक्ष और भरोसेमंद जांच के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिस पर छात्रों और बेरोजगार युवाओं को भी विश्वास हो।
उन्होंने सरकार से युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब देने को कहा। मरांडी के मुताबिक, परीक्षा और नियुक्ति से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
बोले- जवाबदेही का विकल्प नहीं है बंद लिफाफा
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड के छात्र, बेरोजगार और आम लोग सरकार की कार्यशैली को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को जवाब देना होगा।
उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में यह भी कहा कि बंद लिफाफा जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकता। अब इस मामले में सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और हाईकोर्ट में पेश की गई CID रिपोर्ट पर आगे क्या प्रक्रिया होती है, इस पर नजर रहेगी।
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