आदिवासी संगठनों का बंद रहा कारगर, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन रहेगा जारी

असामाजिक तत्वों व भू माफियाओं द्वारा आदिवासियों के पवित्र सरना झंडा को अपमानित  करने से आहत और जिला प्रशासन के द्वारा किसी भी दोषियों पर कोई करवाई नहीं करने के विरोध में झारखंड पाहन महासंघ और समस्त आदिवासी संगठनों के द्वारा 8 अप्रैल को आदिवासी सरना समाज के द्वारा रांची बंद बुलाई गई थी। जिसमें रांची के समस्त आदिवासी समाज सरना धर्मलंबीयो  स्थानीय क्षेत्रीय सामाजिक संगठन और सरना समिति और सरना समाज के लोगों ने सड़क पर बंद करने उतरे जिसमें करम टोली चौक चिरौंजी बोड़िया नगड़ी बिरसा चौक बायपास कोकर रातू रोड कांके रोड बीआईटी पिस्का मोड़ हटिया तुपुदाना औरमांझी नामकुम ठाकुर गांव सदाबहार चौक बुडमू सतरंजी रातु चौक सहित रांची के तमाम क्षेत्र को बंद किया इस दौरान रांची करमटोली चौक से जेल चौक तक बंद कराने के दौरान जिला प्रशासन ने बंद समर्थकों से करवाए का आश्वासन देते हुए गिरफ्तारी की मांग की और केन्द्रीय सरना समिति के फूलचंद तिर्की भुनेश्वर लोहरा निरंजना हेरेंज टोप्पो हलधर चंदन पाहन जगदीश पाहन गीता लकड़ा सोनी लकड़ा विनय उरांव गीता मुंडा सुजाता मुंडा परमोद एक्का सहित 50 से 60 समर्थकों ने अपनी गिरफ्तारी दी। जिसके बाद मोरहाबादी टीओपी में सभी आंदोलनकारियों को रखा गया लेकिन बंद सभी समर्थकों और आंदोलन कर रहे अगुवाओ ने आगे भी आंदोलन की चेतावनी दी है।