बारामुड़ी खटाल पर पप्पू यादव का बड़ा ऐलान, बोले- मेरी लाश पर ही हटेगा खटाल
- By rakesh --
- 04 Nov 2026 --
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धनबाद: बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने धनबाद के बारामुड़ी में खटाल हटाने की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। बुधवार को धनबाद पहुंचे सांसद ने जिला प्रशासन पर भू-माफिया के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बारामुड़ी की जमीन की कीमत बढ़ने के कारण उसे भू-माफिया के हवाले करने के उद्देश्य से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, ये आरोप पप्पू यादव ने लगाए हैं।
खटाल संचालकों के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सांसद ने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर यहां रहने वाले लोगों को उनके हक से बेदखल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि बारामुड़ी में खटाल हटाने की कार्रवाई उनकी लाश पर ही हो सकती है। उनके मुताबिक, यह मामला केवल जमीन का नहीं, बल्कि लोगों की आजीविका, परंपरा और संस्कृति से भी जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत का किया दावा
पप्पू यादव ने बताया कि बारामुड़ी खटाल के मुद्दे पर उनकी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत हुई है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में पहल करने का आश्वासन दिया है। सांसद ने कहा कि खटाल संचालक लंबे समय से यहां रह रहे हैं और खटाल उनकी संस्कृति तथा जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि खटाल संचालकों की पहचान और आजीविका के साथ किसी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बारामुड़ी में खटाल हटाने के लिए धनबाद जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमणवाद शुरू किए जाने का राजनीतिक दलों के स्तर पर भी विरोध हो रहा है। पप्पू यादव इसी विरोध के सिलसिले में धनबाद पहुंचे थे।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी चर्चा
सांसद ने कहा कि इस मामले को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी बातचीत की है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी के नेता बेवजह कांग्रेस और हेमंत सरकार को इस मुद्दे पर घेर रहे हैं। पप्पू यादव ने दावा किया कि खटाल के मामले में भाजपा की ओर से गलत बातें कही जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पहल पर खटाल से जुड़े लोगों को राज्य में न्याय मिला है। सांसद ने भाजपा पर झारखंड के संसाधनों और जमीन पर नजर रखने का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ और ओडिशा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के रहते भाजपा की राजनीतिक मंशा सफल नहीं होगी।
जरूरत पड़ी तो धनबाद से रांची तक करेंगे पैदल मार्च
पप्पू यादव ने झारखंड को मिलने वाली रॉयल्टी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड की रॉयल्टी लेकर राज्य का हक मार रही है। सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कई बार कांग्रेस के साथ मिलकर इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से सवाल उठाते रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बारामुड़ी के खटाल संचालकों को न्याय दिलाने के लिए जरूरत पड़ी तो वे धनबाद से रांची तक पैदल मार्च करेंगे। इस मामले में उन्होंने निरसा विधायक अरूप चटर्जी से भी बातचीत करने की बात कही। सांसद ने भाजपा के नेताओं से भी अपील की कि वे राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर आम लोगों के मुद्दे पर खटाल संचालकों का साथ दें।
खटाल में आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक परिवार भी
सांसद ने कहा कि बारामुड़ी के खटाल में केवल यादव समाज के लोग नहीं रहते, बल्कि वहां आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय के परिवार भी बसे हुए हैं। इसलिए इसे किसी एक जाति या समुदाय का मामला मानना गलत होगा। उनके अनुसार, खटाल से जुड़े लोगों की आजीविका और अधिकारों की रक्षा के लिए सभी राजनीतिक दलों को आगे आना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि खटाल उनके लिए आत्मा की तरह है और इसे किसी कीमत पर उजड़ने नहीं दिया जाएगा। प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कहते हुए उन्होंने लोगों के अधिकारों को प्राथमिकता देने की मांग की।
SIR और धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर भी उठाए सवाल
धनबाद में बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने एसआइआर के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश चुनाव आयोग और सरकार से जवाब मांग रहा है। अमित शाह की ओर से एसआइआर के तहत तीन करोड़ लोगों के नाम कटने की बात कहे जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल किया कि सरकार बताए कि ये लोग कौन हैं। उन्होंने कहा कि यदि वे बाहरी हैं तो उन्हें देश से बाहर भेजा जाए या जेल में डाला जाए।
वहीं, धीरेंद्र शास्त्री के विवादित बयान पर सांसद ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे बाबाओं को बनाया कौन है। उन्होंने बाबाओं के लिए निश्चित मानदंड और आचार संहिता तैयार करने की मांग की। धीरेंद्र शास्त्री को उन्होंने भाजपा का एजेंट बताया। इसके साथ ही अनुराधा, नित्यानंद, राम रहीम और आसाराम का नाम लेते हुए कहा कि ऐसे लोगों को भारतीय संस्कृति के नाम पर धब्बा माना जाना चाहिए।
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