मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर पैतृक गांव टकरा में जयंती समारोह का आयोजन

रिपोर्टर – जितेन सार / खुंटी
मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा जी की जयंती पर उनके पैतृक गांव टकरा में जयंती समारोह का आयोजन

मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा जी की जयंती पर उनके पैतृक गांव टकरा में जयंती समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय केंद्रीय मंत्री, श्री अर्जून मुंडा, जनजातीय कार्य मामले, भारत सरकार ने गांव के बीच स्थित स्व. जयपाल सिंह जी के समाधी स्थल पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि, माननीय केंद्रीय मंत्री, जनजातीय मामले, अर्जुन मुंडा द्वारा मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा जी के योगदान एवं उनके प्रेरणादायक विचारों को साझा किया गया। स्व० जयपाल सिंह मुंडा भारतीयों आदिवासियों और झारखंड आंदोलन के एक सर्वोच्च नेता और जाने-माने राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, संपादक, शिक्षाविद और 1925 में ऑक्सफोर्ड ब्लू का खिताब पाने वाले एक मात्र अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थे।

मौके पर माननीय केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एक महान विभूति थे। टकरा गांव में जन्मे स्व. जयपाल सिंह मुंडा ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर अमिट छाप छोड़ी और सम्पूर्ण आदिवासियों का नेतृत्व किया। जनजातीय समुदाय के जल, जंगल व जमीन तथा उनकी परंपरा व संस्कृति को बनाये रखने हेतु अंतराष्ट्रीय क्षितिज पर आवाज बुलंद की।

उन्होंने ही झारखंडी की संस्कृति, अस्मिता एवं पहचान को राजनीतिक धरातल पर उतारने का काम किया। उन्होंने कहा कि ये हमारे खूंटी जिले को गर्वान्वित करता है कि उन्होंने राष्ट्र पटल पर स्वर्णिम अक्षरों में अपनी प्रतिभाओं को अंकित किया है। उन्होंने कहा कि उनके उद्देश्यों को पूर्ण करने हेतु क्षेत्र के लोगों को अपने हक व अधिकार के प्रति जागरुक होकर गांव व समाज के विकास के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जानकारी के आभाव में योजनाओं से वंचित ना रहें। अब आवश्यकता है कि हर व्यक्ति जागरूक बनें।

उन्होंने कहा कि टकरा ग्राम के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य को पूर्ण करते हुए ग्रामीणों को सीधे रूप से लाभ मिलेंगे।
माननीय केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टकरा ग्राम को राष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र के रुप मे विकसित करने की योजना है।  उन्होंने ग्रामीण युवाओं को खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभाओं को निखारने की बात कही। साथ ही ग्रामीणों को योजनाओं से लाभान्वित होने की दिशा में जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर हम सभी उज्ज्वल भविष्य का संकल्प लें। इसी प्रकार हम मारंग गोमके जी के विकासशील विचारों को सफल बनाएंगे।

जयंती समारोह के दौरान खूंटी विधायक, श्री नीलकंठ सिंह मुंडा द्वारा बताया गया कि उन्होंने कहा कि उनका जन्म खूंटी प्रखंड के टकरा पहानटोली ग्राम में 3 जनवरी 1903 को  हुआ था। महान नेता, स्वप्नद्रष्टा आदिवासी लेखक, खिलाड़ी, कुशल संगठक, वैचारिक सिद्धांतकार के रूप में उनके योगदान हमारे लिए प्रेरणास्रोत है। आशा है कि हम सभी उनके योगदानों से सीख लेकर आगे बढ़ें एवं उनके अंतनिर्हित गुणों को आत्मसात कर अपने जीवन व समाज में विकसित करें। इसी प्रकार खेल गतिविधियों को बढ़ावा देकर खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित किया जाना सराहनीय है। इससे खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ेगा और हम बेहतर समाज व देश की ओर अग्रसर होंगे।

बाईट – नीलकंठ सिंह मुण्डा, विधायक खूंटी
बाईट – अर्जुन मुंडा, जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री