बीमारियों के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे हैं व्यापक कार्यक्रम : हेमंत
- By rakesh --
- 21 Mar 2025 --
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◆ मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज यूनिसेफ की ओर से आयोजित “राउंड टेबल ऑन प्रीवेंटिंग चाइल्डहुड नॉन कम्युनिकेबल डिसीज थ्रू हेल्दी डाइट्स ” पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल
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◆ मुख्यमंत्री ने गैर संचारी बीमारियों से बचाव को लेकर जीवन शैली में बदलाव तथा खानपान में लोकल इंडिजिनस फूड्स ( मिलेट्स) का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर दिया जोर
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◆ मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य के क्षेत्र विशेष और वहां व्याप्त बीमारियों को चिन्हित कर उसके समुचित इलाज की कर रहे व्यवस्था
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● राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए उठा रहे ठोस कदम
● बीमारियों की पहचान और उसके समुचित इलाज के लिए पूरे राज्य का हेल्थ रिपोर्ट कार्ड बनाने की है जरूरत
● राज्य के सुदूर और ग्रामीण इलाकों में गरीब लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में यूनिसेफ जैसी संस्थाओं की अहम भूमिका
● राज्य में कई बीमारियों के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे हैं व्यापक कार्यक्रम
हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड
जीवन शैली में बदलाव, रहन-सहन, खान -पान, पर्यावरण और जेनेटिक कारणों से आज डायबिटीज, कैंसर, हृदय रोग और अस्थमा जैसी कई गैर संचारी बीमारियां (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) लोगों को तेजी से अपनी गिरफ्त में लेती जा रही है। हर घर में कमोबेश ऐसी बीमारियां देखने को मिल रही है। अगर हम सभी अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क नहीं हुए ,तो ऐसी बीमारियां हमारी जिंदगी के लिए खतरा बन सकती है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में यूनिसेफ की ओर से आयोजित ” राउंड टेबल ऑन प्रीवेंटिंग चाइल्डहुड नॉन कम्युनिकेबल डिसीज थ्रू हेल्दी डाइट्स ” ( Round-table On Preventing Childhood Non Communicable Disease Through Healthy Diets)
पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
जीवन शैली में बदलाव लाने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जिंदगी के लिए खतरनाक बनती जा रही कैंसर और हृदय रोग जैसी गैर संचारी बीमारियों से बचने के लिए हमें अपनी जीवन शैली में बदलाव लाने के साथ खान- पान में हेल्दी डायट्स के इस्तेमाल एवं ज्यादा से ज्यादा शारीरिक गतिविधियों (फिजिकल एक्टिविटीज) पर फोकस करने की जरूरत है। अगर हम लापरवाही बरतते हैं तो आगे चलकर ऐसी बीमारियों के इलाज में काफी खर्च करना पड़ सकता है, वहीं पूर्ण स्वस्थ होने की गारंटी भी नहीं दी जा सकती है।
पूरे राज्य का हेल्थ रिपोर्ट कार्ड बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तरह-तरह की बीमारियां तेजी से फैल रही है। ये बीमारियां कैसे और किन लोगों को अपनी चपेट ले रही है , इसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए । इसके लिए राज्य स्तर पर हेल्थ रिपोर्ट कार्ड बनाने पर विशेष जोर है, ताकि बीमारी का प्रॉपर ट्रीटमेंट संभव हो सके । मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक और बेहतर बनाने के लिए हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है, ताकि लोगों को होने वाली बीमारी की पहचान के साथ उसके समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग बीमारियां व्याप्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई ऐसे हिस्से हैं, जहां लोगों में विशेष तरह की बीमारियां ज्यादा देखने को मिलती है। सिमडेगा जैसे जिलों में सिकल सेल और एनीमिया जैसी बीमारियां आम है, तो साहिबगंज और संथाल के हिस्सों में कालाजार का प्रभाव ज्यादा है । ऐसी और भी कई बीमारियां हैं, जो क्षेत्र विशेष में विशेष रूप से लोगों को हो रही है। ऐसे में क्षेत्र विशेष तथा वहां व्याप्त बीमारियों को चिन्हित कर उसके समुचित इलाज की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है, ताकि उन इलाकों में रहने वाले लोगों और उनकी आने वाली पीढियां को ऐसी बीमारियों से बचाया जा सके।
अपने खान-पान में मिलेट्स का करें उपयोग, जंक फूड्स से रहें दूर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नई-नई बीमारियां तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। इसके पीछे कहीं ना कहीं सबसे बड़ी वजह हमारा खान-पान है । आज ज्यादा से ज्यादा जंक फूडस का इस्तेमाल बच्चों को बीमार बना रहा है और आगे चलकर उन्हें कई गंभीर बीमारियां भी हो रही है । अगर हमें अपने को स्वस्थ रखना है, तो अपने खान-पान में लोकल इंडिजिनस फूड्स ( मिलेट्स) लेना होगा। बच्चों को जंक फूड्स की बजाय हेल्दी डाइट्स दें। आज हमें अपने फूड हैबिट्स में बदलाव लाना बेहद जरूरी है।
जन्म के साथ होने वाली बीमारियों की जांच के साथ इलाज की व्यवस्था होनी चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बच्चों में जन्म के साथ कई बीमारियां हो जाती है। बीमारियों का अगर समय पर इलाज नहीं हुआ तो बच्चे की स्थिति काफी खराब हो सकती है । ऐसे में जरूरी है कि नवजात में होने वाली बीमारियों की प्रॉपर जांच के साथ उसका तुरंत समुचित इलाज होना चाहिये। इस दिशा में भी हमारी सरकार ने कई ठोस कदम उठाया हैं, ताकि बच्चों को रोग मुक्त रख सकें।
यूनिसेफ जैसे संस्थाओं की भागीदारी काफी सराहनीय
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के दूर- दराज के इलाकों में रहने वाले गरीब ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में यूनिसेफ जैसी संस्थाओं की अहम भागीदारी रही है। आज राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं के साथ मिलकर हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए संकल्पित है। हमारा प्रयास है कि जंगल, पहाड़ों, तलहटी और सुदूरवर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी इलाज की अच्छी सुविधा उपलब्ध करा सकें और इसमें स्वयंसेवी संस्थाएं अहम भूमिका निभा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कई रोगों के उन्मूलन की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।
इस अवसर पर मंत्री योगेंद्र महतो, मंत्री सुदिव्य कुमार , विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन समेत कई और विधायक गण , यूनिसेफ की श्रीमती आस्था अलंग एवं डॉ कनीनिका मित्रा तथा अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।
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