नेपाल-चीन सीमा पर भोटे कोशी नदी का रौद्र रूप

नेपाल-चीन सीमा पर भोटे कोशी नदी का रौद्र रूप, बाढ़-भूस्खलन से तबाही; 150 की मौत, सैकड़ों लापता

नेपाल: नेपाल-चीन सीमा पर बहने वाली भोटे कोशी नदी में आए भीषण सैलाब और भूस्खलन ने सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। ताजा जानकारी के अनुसार, प्राकृतिक आपदा में अब तक 150 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक भारतीय पर्यटकों और श्रद्धालुओं समेत सैकड़ों लोगों के लापता होने की सूचना है।

चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित गिरोंग पोर्ट की ओर से आया मलबा, कीचड़ और पत्थरों का तेज बहाव नेपाल के रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाकों तक पहुंच गया। कुछ ही समय में इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

कैलाश यात्रा के चलते सीमा क्षेत्र में थी बड़ी भीड़

नेपाल का यह इलाका पर्वतारोहियों, ट्रैकर्स और धार्मिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। खासकर कैलाश पर्वत की यात्रा के लिए गीरोंग सीमा मार्ग का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है।

काठमांडू से शुरू होने वाली कैलाश यात्रा के दौरान भारत समेत कई देशों के श्रद्धालु नेपाल के रास्ते तिब्बत में प्रवेश करते हैं। इसी वजह से यात्रा सीजन में सीमावर्ती इलाकों में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।

बताया गया कि आपदा के समय बड़ी संख्या में लोग सीमा पार करने की प्रक्रिया में थे, जबकि कई पर्यटक आसपास के होटलों में ठहरे हुए थे। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने लोगों को संभलने का मौका नहीं दिया।

तमिलनाडु के पर्यटकों से भरी बस खाई में गिरी

आपदा के दौरान भारतीय पर्यटकों से भरी कई गाड़ियां भी पहाड़ी मार्ग पर मौजूद थीं। एक तमिलनाडु के टूर ऑपरेटर के मुताबिक, उनके ग्राहक तीन बसों में यात्रा कर रहे थे।

सैलाब आने के बाद यात्रियों ने सुरक्षित स्थान की ओर भागने की कोशिश की। इसी दौरान एक बस असंतुलित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। बस में सवार यात्रियों के बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।

बताया जा रहा है कि अकेले तमिलनाडु के 40 से अधिक लोग लापता हैं। हालांकि लापता लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

नेपाली सेना और सुरक्षा बलों ने शुरू किया रेस्क्यू

घटना के बाद नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है। हेलीकॉप्टर और खोजी कुत्तों की मदद से मलबे में फंसे लोगों तथा नदी के तेज बहाव में बहे लोगों की तलाश की जा रही है।

लगातार खराब मौसम और तेज पानी का बहाव राहत अभियान में बड़ी चुनौती बना हुआ है। बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने और लापता लोगों का पता लगाने की कोशिश में जुटे हैं।

भारतीय दूतावास भी नेपाल सरकार के संपर्क में

हादसे में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की जानकारी के बाद भारतीय दूतावास नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। दूतावास की ओर से लापता भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे और नदी के आसपास फंसे तथा लापता लोगों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।

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