बातचीत और चैटिंग के लिए भारत का स्वदेशी ऐप ने मचाया धूम !

बातचीत और चैटिंग के लिए भारत का स्वदेशी ऐप ने मचाया धूम !

भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब हमारे पास बातचीत और चैटिंग के लिए अपना खुद का स्वदेशी ऐप है – #Arattai। इसका मतलब ही है “बातचीत”। इसे भारतीय कंपनी #Zoho ने बनाया है और यह पूरी तरह से हमारे देश में ही चलता है।

इस ऐप में संदेश भेजने, ऑडियो और वीडियो कॉल करने, फोटो-वीडियो साझा करने और ग्रुप चैट जैसी सारी सुविधाएँ मौजूद हैं। सबसे खास बात यह है कि इसमें हमारे डेटा की सुरक्षा भारत में ही होती है और आने वाले समय में इसमें यूपीआई पेमेंट की सुविधा भी मिलने वाली है।

यह ऐप हल्का है, कमज़ोर नेटवर्क पर भी आसानी से चलता है और उपयोग करने में बेहद सरल है। सच कहें तो यह भारत की डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है। अब समय आ गया है कि हम अपनी बातचीत भी स्वदेशी मंच पर करें और #Arattai को अपनाकर भारत की तकनीकी शक्ति को और मज़बूत बनाएँ।

Arattai App के मालिक कौन? IIT से की पढ़ाई; ₹52 हजार करोड़ के मालिक फिर भी गांव में रहते हैं

देश में मेड इन इंडिया Arattai App इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहा है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोगों से इसे अपनाने की अपील की थी, जिसके बाद अचानक इसके यूजर्स की संख्या कई गुना बढ़ गई। इतना ही नहीं, यह एप स्टोर (App Store) पर सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाली मैसेजिंग एप की कैटेगरी में भी टॉप पर पहुंच गई।

Arattai भी WhatsApp की तरह ही टेक्स्ट मैसेजिंग, ऑडियो/वीडियो कॉलिंग और फाइल शेयरिंग जैसे फीचर्स देता है। लेकिन इसमें एक ऐसा फीचर है, जो WhatsApp में अब तक मौजूद नहीं है।

टीवी पर भी चल सकता है Arattai

Arattai एप का सबसे खास फीचर है इसका डेडिकेटिड एंड्रॉयड टीवी एप। यानी यूजर्स अपने स्मार्ट टीवी पर भी अकाउंट लॉग-इन कर चैटिंग और कॉलिंग का मजा ले सकते हैं। टीवी क…

कब और किसने लॉन्च किया था Arattai?

Arattai का मतलब तमिल भाषा में ‘अनौपचारिक बातचीत’ होता है। इसे Zoho Corporation ने 2021 में एक साइड प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया था। शुरुआत में इस पर ज्यादा ध्यान नहीं गया, लेकिन अब मंत्री की अपील और बढ़ते डाउनलोड्स के बाद कंपनी को इमरजेंसी आधार पर अपना इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड करना पड़ रहा है। Zoho के को-फाउंडर श्रीधर वेंबू ने बताया कि यूजर्स की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी है कि टीम को तुरंत बड़े स्तर पर तैयारी करनी पड़ रही है।

सरकार से भी मिल रहा समर्थन

Arattai को सरकार की तरफ से भी सपोर्ट मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान खुद अरट्टई ऐप को सपोर्ट कर रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा था, ”ZOHO द्वारा डेवलप किया गया Arattai इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप फ्री, उपयोग में आसान, सुरक्षित और ‘मेड इन इंडिया’ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अपनाने के आह्वान के मार्गदर्शन में, मैं सभी से दोस्तों और परिवार के साथ जुड़े रहने के लिए भारत में बने ऐप्स अपनाने की अपील करता हूं।”

दरअसल इसके पीछे उस शख्स का हाथ है जिसने अमेरिका में अपनी बढ़िया सैलरी वाली IT नौकरी छोड़ स्वदेश भारत में बिजनेस करने का फैसला किया। उनकी कहानी और भी अनोखी इसलिए है क्योंकि उन्होंने अपना व्यवसाय किसी मेट्रो सिटी में नहीं, बल्कि अपने गांव में ही इसे स्थापित किया।

इसके पीछे जोहो (Zoho) के फाउंडर श्रीधर वेम्बू का हाथ है। श्रीधर वेम्बु तमिलनाडु के तेनकासी में स्थित कंपनी के विकास केंद्र में साइकिल से काम पर जाते हैं। वेम्बू का जन्म 1968 में तमिलनाडु के तंजावुर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था।

कितने पढ़ें-लिखे हैं श्रीधर वेम्बू

श्रीधर वेम्बू IIT मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की और 1989 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की, उसके बाद 1994 में प्रिंसटन विश्वविद्यालय से पीएचडी की।