रांची : संपूर्ण लॉकडाउन पर राज्य सरकार ले सकती है फैसला- रामेश्वर उरांव

राज्य में कोरोना की कहर दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। प्रदेश की 24 जिलों में कोरोना ने अपना ठिकाना बना लिया है। इसी बीच राज्य सरकार ने बड़े फैसला लेने के फिराक में है। राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहाकि कोरोना वायरस के संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के कारण झारखंड सरकार 48 घंटे के भीतर एक बार फिर से टोटल लॉकडाउन की घोषणा कर सकती है।

रिम्स की सभी बेड फुल

आपको बता दें कि पिछले सप्ताह कोरोना की रफ्तार इतनी तेज रही कि कई मानकों पर झारखंड ने देश को पीछे छोड़ दिया। कोरोना के इलाज के लिए बने कोविड19 अस्पतालों में जगह फुल होता जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार 100 बेड की क्षमता वाला राज्य की सबसे बड़ी अस्पातल रिम्स में मरीजों को नहीं रखा जा रहा है,क्योंकि सभी बेड फुल हो चूके हैं।

सरकार उठायेगी सख्त कदम

राज्य में अन्य बने कोविड अस्पातल में सीसीएल की क्षमता 70 बेड की है, वहीं पारस अस्पातल की बेड की संख्या 50 बतायी जा रही है,लेकिन किसी कारणवस अभी तक शुरु नहीं किया गया है।  स्थिति को देखते हुए ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने सोमवार को कहा है कि सरकार हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकती, सरकार कोई सख्त कदम उठाने जा रही है।

छूट पर लोग हुए लापरवाह

राज्य में 31 जुलाई तक लॉकडाउन की घोषणा पहले ही हो चुकी है। कुछ शर्तों के साथ सीमित आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने की अनुमति सरकार ने दी थी। इस दौरान लोगों ने लॉकडाउन में सीमित छूट का गलत अर्थ निकाला और कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर पूरी तरह लापरवाह हो गये।

राज्य में बढ़ी कोरोना मरीज की संख्या

नतीजा यह हुआ कि कोरोना के संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ, मरने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। रविवार को एक दिन में सबसे ज्यादा सात लोगों की मौत हो गयी। इसके साथ ही राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हो गयी।

हेमंत सरकार भी कोरोना चेपेट में

झारखंड में मंत्री से लेकर विधायक तक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। अधिकारियों के घरों में भी कई लोग कोरोना से संक्रमित पाये गये हैं। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर और जेएमएम के विधायक मथुरा महतो के कोरोना की चपेट में आने के बाद सरकार सकते में आ गयी।

मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर जेएमएम तक बंद

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत मुख्यमंत्री कार्यालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी होम कोरेंटिन में चले गये। सत्तारूढ़ पार्टी जेएमएम के केंद्रीय कार्यालय को बंद कर दिया गया,पार्टी की तमाम गतिविधियों को ब्रेक लग गया। यहां तक कि ऑनलाइन बैठकें भी रद्द हो गयीं।

4.16 फीसदी से कोरोना की रफ्तार

देश में पिछले 7 दिनों में कोरोना के संक्रमण के बढ़ने की रफ्तार 3.43 फीसदी रही, जबकि झारखंड में इससे कहीं अधिक 4.16 फीसदी. कोरोना के मरीजों की संख्या में वृद्धि की बात करें, तो देश में 20.54 दिन में मरीजों की संख्या दोगुनी हो रही है, तो झारखंड में अब महज 17.01 दिन में ही मरीजों की संख्या में 100 फीसदी का इजाफा हो रहा है।