बैंक ऑफ इंडिया को 19.30 करोड़ का चूना लगाने का आरोप, रांची के दो पूर्व निदेशक भी CBI के रडार पर
- By rakesh --
- 05 Nov 2026 --
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रांची: बैंक ऑफ इंडिया से करीब 19 करोड़ 30 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मेसर्स नटराज राइस मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। कोलकाता स्थित सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा (ईओबी) ने तीन नवंबर को कंपनी के पूर्व निदेशकों समेत नौ नामजद आरोपितों, अज्ञात लोक सेवकों और अन्य लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया। आरोप है कि कंपनी ने बैंक से ऋण लेकर निर्धारित उद्देश्य के बजाय दूसरी जगह राशि का इस्तेमाल किया और बाद में बकाया रकम नहीं लौटाई।
इस मामले में बैंक ऑफ इंडिया के रांची अंचल कार्यालय के रिकवरी विभाग के उप अंचल प्रबंधक असीम कुमार की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में रांची के दो पूर्व निदेशकों के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की जांच अभी सीबीआई कर रही है।
20.43 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा लेने का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, मेसर्स नटराज राइस मिल्स प्राइवेट लिमिटेड का पंजीकरण 18 जुलाई 2008 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुआ था। कंपनी चावल मिलिंग के कारोबार से जुड़ी थी। इसके तहत कच्चा धान खरीदने, उसकी प्रोसेसिंग कर अलग-अलग ग्रेड का चावल तैयार करने, पैकेजिंग करने और थोक विक्रेताओं तथा बड़े खरीदारों तक आपूर्ति करने का काम किया जाता था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने वर्ष 2013 से 2025 के बीच बैंक ऑफ इंडिया से कुल 20 करोड़ 43 लाख रुपये की क्रेडिट सुविधा प्राप्त की थी। इसमें 17 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट सुविधा और 3.43 करोड़ रुपये का वर्किंग कैपिटल टर्म लोन शामिल था। बैंक की ओर से यह राशि कंपनी की कारोबारी जरूरतों के लिए मंजूर की गई थी।
ऋण की राशि दूसरी जगह डायवर्ट करने का आरोप
बैंक की शिकायत के मुताबिक, कंपनी ने ऋण के रूप में मिली रकम का इस्तेमाल उस उद्देश्य के लिए नहीं किया, जिसके लिए उसे स्वीकृत किया गया था। आरोप है कि ऋण की राशि को दूसरी जगह डायवर्ट कर दिया गया और बैंक को निर्धारित भुगतान नहीं किया गया। इस कारण कंपनी पर बैंक का बकाया लगातार बना रहा।
प्राथमिकी में दर्ज विवरण के अनुसार, 24 जून 2025 को कंपनी का ऋण खाता नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित हो गया था। उस समय खाते में करीब 19 करोड़ 30 लाख रुपये बकाया थे। बैंक की शिकायत में इसे कथित वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी का मामला बताया गया है।
पूर्व निदेशकों समेत कई कंपनियां भी आरोपित
सीबीआई की प्राथमिकी में मेसर्स नटराज राइस मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ कंपनी के पूर्व निदेशकों विवेक कुमार बंका, नीलू बंका, नीरज कुमार बंका, संदीप कुमार और रीतेश कुमार बिंजरजका को नामजद किया गया है। इनमें संदीप कुमार और रीतेश कुमार बिंजरजका के पते रांची के बताए गए हैं।
इसके अलावा मेसर्स डिलाइट इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स लक्ष्मी डीलमार्क प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स तिरुपति स्टॉक कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को भी प्राथमिकी में शामिल किया गया है। इनके साथ अज्ञात लोक सेवकों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया गया है।
बैंक को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच करेगी CBI
प्राथमिकी में प्रथम दृष्टया आरोप लगाया गया है कि कंपनी, उसके निदेशकों और पूर्व निदेशकों ने अज्ञात लोक सेवकों तथा अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर कपटपूर्ण आचरण किया। आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए बैंक को नुकसान पहुंचाया गया और 19.30 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया।
अब सीबीआई इस मामले में ऋण मंजूरी, राशि के इस्तेमाल, कथित फंड डायवर्जन और संबंधित कंपनियों की भूमिका की जांच करेगी। प्राथमिकी में दर्ज आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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