रांची। टीएसी के गठन के साथ ही राजनीतिक विवाद शुरू
- By rakesh --
- 28 Jun 2021 --
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रांची। झारखंड में ट्रायवल एडवाइजरी काउंसिल की बैठक देर शाम संपन्न हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्यहित में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि बीजेपी की तरफ से तीनों सदस्यों ने इस बैठक का बहिष्कार किया। वहीं राज्य में सत्ताधारी पार्टी जेएमएम ने बीजेपी के नेताओं पर तीखा प्रहार किया है।
पांचवी अनुसूची वाले राज्य झारखंड में आदिवासियों के हित की रक्षा के साथ साथ इलाके के विकास में अहम भूमिका निभानेवाली संस्था टीएसी के गठन के साथ ही विवाद शुरू हो गया है। पहले मनोनित सदस्यों ककी भूमिका में राज्यपाल के अधिकार को हटाना और इसके बाद कई मुद्दों को लेकर बीजेपी ने इस बैठक का बहिष्कार किया है। बाबूलाल मरांडी के साथ साथ, कोचे मुंडा और नीलकंठ सिंह मुंडा इस बैठक में नहीं शामिल हुए। बाबूलाल मरांडी ने टीएसी के गठन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
इधर बीजेपी के बैठक बहिष्कार किए जाने के बाद जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बीजेपी शुरुआती दौर से ही आदिवासियों का विरोध है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की तरफ से जो सवाल खड़े किए जा रहे हैं, वह पूरी तरह से बेकार है। इसी को लेकर कांग्रेस के विधायक राजेश कश्यप का कहना है की जो TAC का कमिटी बना है वह बहुत ही संतुलित कमिटी है जो की सबले लिए अच्छा है लेकिन भाजपा इस पर राजनीति कर के बहिष्कार करते है तो यह गलत है।
झारखंड में टीएसी की भूमिका काफी अहम मानी जाती रही है। राज्य में आदिवासियों के विकास को लेकर साथ ही साथ पांचवी अनुसूचि वाले राज्य के संरक्षण को लेकर कई प्रवधान इसके माध्यम से लाए जाते रहे हैं। ऐसे में टीएसी को लेकर राज्य में राजनीतिक लड़ाई यहां के आदाविसयों के हित में नहीं हो सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट सबरंग समाचार।