झारखंड में 19.31 लाख मामलों की सुनवाई लंबित, SIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

झारखंड में 19.31 लाख मामलों की सुनवाई लंबित, SIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सुनवाई की अवधि कम से कम 30 दिनों तक बढ़ाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि राज्य के कई इलाकों में दस्तावेज तैयार कराने से लेकर प्रशासनिक और तकनीकी समस्याओं के कारण मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र मतदाताओं की सुनवाई पूरी करना मुश्किल हो सकता है।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपकर एसआईआर प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराया गया। कांग्रेस नेताओं ने आग्रह किया कि मतदाताओं की समस्याओं को देखते हुए सुनवाई की अवधि बढ़ाने सहित जरूरी कदम तत्काल उठाए जाएं।

19.31 लाख से अधिक मामलों में सुनवाई अब भी लंबित

कांग्रेस कमेटी ने 31 अक्टूबर 2026 तक जारी नोटिस और सुनवाई से संबंधित आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में कुल 59,56,574 नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से 40,25,102 मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 19,31,472 मामलों में सुनवाई लंबित है।

इसके अलावा 5,06,625 नोटिस अब भी संबंधित मतदाताओं तक पहुंचाए जाने बाकी हैं। कांग्रेस का कहना है कि ये आंकड़े एसआईआर प्रक्रिया को तय समय सीमा में पूरा करने की चुनौती को दर्शाते हैं। पार्टी ने आशंका जताई कि यदि सुनवाई के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया तो बड़ी संख्या में पात्र मतदाता प्रक्रिया पूरी करने से वंचित रह सकते हैं।

प्रमाण पत्र और दस्तावेज बनवाने में आ रही परेशानी

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि राज्य के कई प्रखंडों में स्थायी निवासी प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसके अलावा जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर और वंशावली तैयार कराने में भी आम लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि इन प्रशासनिक बाधाओं के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाता समय पर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में सुनवाई की अवधि बढ़ाना जरूरी है, ताकि लोगों को अपने दस्तावेज तैयार कराने और निर्वाचन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

बीएलओ ऐप की तकनीकी खामियों और कार्यभार का उठाया मुद्दा

प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन कर्मियों पर बढ़ते कार्यभार और बीएलओ ऐप में आ रही तकनीकी खामियों का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इन समस्याओं के कारण एसआईआर की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। निर्वाचन कर्मियों को समय पर काम पूरा करने में कठिनाई हो रही है, वहीं तकनीकी दिक्कतों से मतदाताओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि दिवाली, भैया दूज और छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के कारण आम नागरिकों की उपलब्धता प्रभावित होती है। त्योहारों के दौरान लोगों के लिए सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना और सुनवाई में शामिल होना भी कठिन हो सकता है। इसलिए मौजूदा परिस्थितियों में तय समय सीमा के भीतर सभी मतदाताओं की सुनवाई पूरी करना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण है।

कांग्रेस ने 30 दिन का अतिरिक्त समय देने की मांग की

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से स्पष्ट रूप से एसआईआर की सुनवाई अवधि कम से कम 30 दिनों तक बढ़ाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि समय बढ़ने से मतदाताओं को जरूरी दस्तावेज जुटाने, नोटिस का जवाब देने और सुनवाई में शामिल होने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।

कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से आग्रह किया कि दस्तावेजी और प्रशासनिक कठिनाइयों के कारण किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक रामचंद्र सिंह, भूषण बाड़ा, सुबोधकांत सहाय, प्रदीप कुमार बलमुचु, बन्ना गुप्ता, राकेश सिन्हा, सतीश पाल मुंजनी, डॉ. एम. तौसीफ, सोनाल शांति, ज्योति सिंह मथारू, सूर्यकांत शुक्ला, कमल ठाकुर और केदार पासवान सहित अन्य नेता मौजूद थे।

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